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- बायोफ्यूल और मीथेनाल भविष्य में वाहनो के इंधन होंगे……..नितीन गडकरी
Posted by : achhiduniya
06 October 2018
नागपुर:- केंन्द्रीय
सड़क परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा जल संसाधन, नदी विकास एंव गंगा शुद्धिकरण मंत्री श्री.नितिन गडकरी ने फेडरेशन आफ आटो रिटेल
कान्क्लेव 2018 के तहत नागपुर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि
भारत एक तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है जिसमें आटोमोबाईल सेक्टर सबसे महत्वपूर्ण
है जिसका सालाना कारोबार करीब 4 लाख 30 हजार करोड रूपया का है। जिसमें से एक लाख
45 हजार करोड रूपये का आटोमोबाइल उत्पादों का हम निर्यात कर रहे हैं। उन्होंने कहा
कि मेरा मानना है कि भारत में अभी इस क्षेत्र में आगे बढाने की बहुत अधिक क्षमता है।
हमारे सागर माला प्रोजेक्ट में हमें 16 लाख करोड रूपयों के निवेश की उम्मीद है। जिसमें
से हम करीब लाख रूपयेके निवेश के अनुबन्ध कर चुके है। जिसमें पोर्ट से सड़क तथा रेल
नेटवर्ककी कनेक्टिविटी के अलावा पोर्ट का आधुनिकी करण और मशीनीकरण करना शामिल है। इसके
साथ-साथ ही हम आटोमोबाईल हब इण्डस्ट्रीयल हब केमिकल क्लास्टर्स फर्नीचर क्लास्टर्स, वुडन क्लास्टर्स की परियोजना
पर भी काम कर रहे है। कांडला के आटोमोबाईल हब में इस वक्त व्यापार स्थापित करने
की अपार संभावनाए है। जहां तक उदयोगों का सवाल हैं। इसका सतत औदयोगिक विकास बहुत अच्छा
है। सडक परिवहन मंत्री होने के नाते मैं इस उदयोग से बहुत नजदीक से जुडा हूं इस वजह
से हमने राष्ट्रीय राजमार्गों की लम्बाई के 96 हजार किलो मीटर से बढा कर 2 लाख कि.मी.
तक करने का लक्ष्य तय किया हुआ है। देश में फैले सडको के जाल की कुल लम्बाई करीब
52 लाख कि.मी. है।
जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ 96 हजार कि.मी. का है और देश का करीब 40 फिसदी ट्रैफिक इसी मात्र 2 फीसदी मार्ग पर निर्भर करता है,जिसे हम राष्ट्रीय राजमार्ग कहते है। इसे हमें बढा कर 4 फीसदी तक ले जाना है,जिससे करीब 80 फीसदी ट्रैफिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ जाएगा.जब मैने मंत्री पद सम्हाला था तब इस सडकों के निर्माण की प्रगति 15 कि.मी. प्रतिदिन थी जो इस वक्त करीब 28 कि.मी. प्रतिदिन है और मार्च तक 40 कि.मी. प्रतिदिन हो जाएगी। नई सडके के निर्माण का सबसे ज्यादा लाभ आप लोगो को ही मिलना है। हम कई एक्सप्रस हाइवे भी बना रहे है। जिसमें हम दिल्ली से मुम्बई तक नया एक्सप्रेस हाइवे बना रहे है। जिसका बजट करीब एक लाख करोड है। जो दिल्ली से गुडगांव जयपुर रिंग रोड जयपुर से सवाई माधेपुर, अलवर से रतलाम झाबुआ होते हुए बडौदा और फिर मुम्बई तक जाएगा जिससे दिल्ली और मुम्बई के बीच की दूरी करीब 120 कि.मी. घट जाएगी और वर्तमान में दिल्ली अहमदाबाद, सुरत, मुम्बई तक हमने करीब 16 हजार करोड रूपयों की भूमिका अधिग्रहण कर लिया है। इस नये मार्ग के लिए हमने राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के पिछडे इलाको को चुना है ताकि वहां विकास का नया मार्ग खुल सके। वहां जमीन की कीमत करीब 80 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर के आस पास आई है।
हम 12 नये एकसप्रेस हाइवे की परियोजना भी बना रहे है।जिसमें से एक रिंग रोड दिल्ली का काम पूरा भी हो चुका है। इससे दिल्ली में करीब 27 फीसदी प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली से मेरठ तक हम 14 लेन का हाइवे बना रहे है जो लगभग पूरा हो चुका है। अगले मार्च तक दिल्ली से मेरठ तक की इसे मात्र 40 में पूरीकी जा सकेगी। इस वक्त उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, नार्थ इस्ट सहित कई राज्यों में सड़क निर्माण कार्य तेजी चल रहा है। भविष्य में हम नागपुर में ब्राडगेज मैट्रो भी शुरू कर रहे है। जिसका निर्माण भी नागपुर में ही होगा। अब वक्त आ गया है कि हम अपनी क्षमता के अनुरूप समय की मांग को देखते हुए बदलाव करें। हमें भ्रष्ट्राचार से मुक्त नई व्यवस्था को शुरूआत भी करना है। आर.टी.ओ. पर चुटकी लेते हुए श्री. गडकरी ने कहा कि हम सब जानते है कि वहां काम कैसे होता है और समय आ गया है कि हमे इसे बदल कर एक परदर्शी वयवस्था की शुरूआत करनी होगी। इस मौके पर फेडरेशन ऑफ आटो डीजल एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष काले ने कहा कि आटोमोबाइल सेक्टर 2020 तक 1 लाख युवाओं के लिए नए रोजगारके अवसर उपलब्ध कराएगा। कार्यक्रममें उपाध्यक्ष विकेश गुला टी, मनीष राज सिंघानिया, सी.एस. विघ्ने, राजेन्द्र पेंटल तथा देशभर आए एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद थे।
@ दूसरी खबर:- जागरूक बने युवा स्टार्टअप फेस्ट…… नितीन गडकरी
नागपुर:- केंन्द्रीय सड़क परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा जल संसाधन, नदी विकास एंव गंगा शुद्धिकरण मंत्री नितिन गडकरी ने युवाओं से आवाह्न करते हुए कहा कि वो रोजगार पाने वाला बने। श्री. गडकरी नागपुर में आयोजित ‘‘स्टार्टअप फेस्ट’’ 2018 के मौके पर उपस्थित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन इंडियन काऊसिंल फार टेक्निकल रिचर्स एण्ड डेवलपमेंट व्दारा युवाओं में र्स्टार्टअप के प्रति रूचि लगाने के लिए किया गया था। श्री. गडकरी ने कहा कि इनोवेशन, रिसर्च, स्किल डेव्लपमेंट, साईन्स एवं टेकनॉलोजी जिसे हम नॉलिज कहते है और कन्वर्शन ऑफ नॉलिज इन टू वेल्थ इसकी क्षमता हमारे देश के युवाओ के पास तो बहुत है,लेकिन उन्हे काम करने के सही अवसरों की कमी है इसके लिए कही न कही हमारी सोच ही जिम्मेदार है क्योंकि नौकरी और रोजगार में हमें फर्क समझना होगा रोजगार का अर्थ स्वारोजगार भी होता है।
हमें रोजगार पाने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने की सोच रखनी होगी। आधुनिक विज्ञान, तकनीकी शोध और सबसे जरूरी काम करने की इच्छाशक्ति होना बहुत जरूरी है। उन्होंने युवाओं से कहा कि अब समय आ गया है कि युवा अपनी शक्ती को पहचाने और दस, पन्द्रह हजार रूपयों की मामूली नौकरी पर निर्भर रहने के बजाया वो स्वरोजगार की दिशा में प्रयास करे तो वो लाखों रूपयों की आमदानी अर्जितकर सकता है। श्री. गडकरी कहा कि हमारे आसपास ही ढेरों ऐसे प्रोजेक्ट है जिसमें हम अपने लिए रोजगार के अवसर तलाश सकते है। आज के दौर की मांग को देखते हुए हम बायो फ्यूल की उपलब्धता को बढानेके लिए छोटी इकायों के व्दारा इथिनाल बढाने का काम कर सकते है। श्री गडकरी जी ने कहा कि यदि हम ठान लें तो हमारे पास अवसरों की कमी नही है बशर्ते हममें काम करने की जिद होनी चाहिए। यही वजह है कि आज नागपुर म्युनिसिपिल कॉरपोरेशन टायलेट का पानी को बेचकर ८० करोड रुपयों का राजस्व कमा रहा है। जिस पानी से बिजली पैदा की जा रही है। उससे निकलने वाली वेस्ट से भी गैस पैदा हो रही है। जो भविष्य में वाहन चलाने के लिए उपयोग में लाई जाएगी। हमारे कटे हुए बालों से अमीनो एसिड बनाया जा रहा है। जो खेती में पैदावार बढाने के लिए फायदे मंद है। हमें दुबई तक से इसे निर्यात करने के आर्डर मिल रहे है। श्री गडकरी ने बताया कि दिल्ली में निकलने वाले कूडे से हमें खाद मिल सकती है जिसे हम विदर्भ किसानो के लिए लाने का प्रयास कर रहे है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज का दौर स्किल नॉलेज और इनोवेशन का दौर है यदि आपके पास में है तो लोग ढूंढ कर आपके पास आयेगें क्वालिटी, उद्देश्य, प्लानिंग और स्पष्टता हमारे पास होनी चाहिए। हमारे नागपुर में शक्कर से हम डिटर्जेंट, शैम्पू, फैशवाश बना रहे है। जिसकी विदेशी बाजार में काफी मांग है। श्री गडकरी ने कहा कि इस जमाने में कुछ भी वेस्ट नही है थोडा सा प्रयास सें हम वेस्ट को वेल्थ में बदल सकते है। इसके लिए आपको अपना दिमाग खुला रखना होग।
श्री. गडकरी ने कहा कि हमारे आसपास के क्षेत्रों में बांस बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है और हम बांस से भी बायोफ्यूल प्राप्त कर सकते है। बास और कपास को 70 : 30 के अनुपात में मिला कर अच्छी क्वॉलिटी के कपडे बनाए जा सकते है। इस वक्त हम कचरे से मीथेन और कार्बनडाई आक्साइड जैसे के उत्पादन का प्रयास कर रहे है और उम्मीद है कि आने वाले बुछ महीनों में हम इसें लाभ के उदयोग में बदलने में कामयाब होगे। उन्होने बताया कि खेती के क्षेत्र में नये शोध किए जा रहे है और हमारा प्रयास होगा कि हम इसे युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कर सकते है। इस मौके पर नागपुर की मेयर श्रीमती नंदा जिचकर, राज्यसभा सांसद अजय संचेती, दत्ता मेघे, नागपुर म्युनिसिपल कारपोरेशन के अपर आयुक्त रविन्द्र ठाकरे, महाराष्ट्र औदयोगिक विकास केन्द्र के अध्यक्ष संदीप जोशी, मोटीवेशनल वक्ता श्वेता शालिनी कार्यक्रम के आयोजक श्री. केतन माहितकर आदि उपस्थित थे।
जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ 96 हजार कि.मी. का है और देश का करीब 40 फिसदी ट्रैफिक इसी मात्र 2 फीसदी मार्ग पर निर्भर करता है,जिसे हम राष्ट्रीय राजमार्ग कहते है। इसे हमें बढा कर 4 फीसदी तक ले जाना है,जिससे करीब 80 फीसदी ट्रैफिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ जाएगा.जब मैने मंत्री पद सम्हाला था तब इस सडकों के निर्माण की प्रगति 15 कि.मी. प्रतिदिन थी जो इस वक्त करीब 28 कि.मी. प्रतिदिन है और मार्च तक 40 कि.मी. प्रतिदिन हो जाएगी। नई सडके के निर्माण का सबसे ज्यादा लाभ आप लोगो को ही मिलना है। हम कई एक्सप्रस हाइवे भी बना रहे है। जिसमें हम दिल्ली से मुम्बई तक नया एक्सप्रेस हाइवे बना रहे है। जिसका बजट करीब एक लाख करोड है। जो दिल्ली से गुडगांव जयपुर रिंग रोड जयपुर से सवाई माधेपुर, अलवर से रतलाम झाबुआ होते हुए बडौदा और फिर मुम्बई तक जाएगा जिससे दिल्ली और मुम्बई के बीच की दूरी करीब 120 कि.मी. घट जाएगी और वर्तमान में दिल्ली अहमदाबाद, सुरत, मुम्बई तक हमने करीब 16 हजार करोड रूपयों की भूमिका अधिग्रहण कर लिया है। इस नये मार्ग के लिए हमने राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के पिछडे इलाको को चुना है ताकि वहां विकास का नया मार्ग खुल सके। वहां जमीन की कीमत करीब 80 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर के आस पास आई है।
हम 12 नये एकसप्रेस हाइवे की परियोजना भी बना रहे है।जिसमें से एक रिंग रोड दिल्ली का काम पूरा भी हो चुका है। इससे दिल्ली में करीब 27 फीसदी प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली से मेरठ तक हम 14 लेन का हाइवे बना रहे है जो लगभग पूरा हो चुका है। अगले मार्च तक दिल्ली से मेरठ तक की इसे मात्र 40 में पूरीकी जा सकेगी। इस वक्त उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, नार्थ इस्ट सहित कई राज्यों में सड़क निर्माण कार्य तेजी चल रहा है। भविष्य में हम नागपुर में ब्राडगेज मैट्रो भी शुरू कर रहे है। जिसका निर्माण भी नागपुर में ही होगा। अब वक्त आ गया है कि हम अपनी क्षमता के अनुरूप समय की मांग को देखते हुए बदलाव करें। हमें भ्रष्ट्राचार से मुक्त नई व्यवस्था को शुरूआत भी करना है। आर.टी.ओ. पर चुटकी लेते हुए श्री. गडकरी ने कहा कि हम सब जानते है कि वहां काम कैसे होता है और समय आ गया है कि हमे इसे बदल कर एक परदर्शी वयवस्था की शुरूआत करनी होगी। इस मौके पर फेडरेशन ऑफ आटो डीजल एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष काले ने कहा कि आटोमोबाइल सेक्टर 2020 तक 1 लाख युवाओं के लिए नए रोजगारके अवसर उपलब्ध कराएगा। कार्यक्रममें उपाध्यक्ष विकेश गुला टी, मनीष राज सिंघानिया, सी.एस. विघ्ने, राजेन्द्र पेंटल तथा देशभर आए एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद थे।
@ दूसरी खबर:- जागरूक बने युवा स्टार्टअप फेस्ट…… नितीन गडकरी
नागपुर:- केंन्द्रीय सड़क परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा जल संसाधन, नदी विकास एंव गंगा शुद्धिकरण मंत्री नितिन गडकरी ने युवाओं से आवाह्न करते हुए कहा कि वो रोजगार पाने वाला बने। श्री. गडकरी नागपुर में आयोजित ‘‘स्टार्टअप फेस्ट’’ 2018 के मौके पर उपस्थित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन इंडियन काऊसिंल फार टेक्निकल रिचर्स एण्ड डेवलपमेंट व्दारा युवाओं में र्स्टार्टअप के प्रति रूचि लगाने के लिए किया गया था। श्री. गडकरी ने कहा कि इनोवेशन, रिसर्च, स्किल डेव्लपमेंट, साईन्स एवं टेकनॉलोजी जिसे हम नॉलिज कहते है और कन्वर्शन ऑफ नॉलिज इन टू वेल्थ इसकी क्षमता हमारे देश के युवाओ के पास तो बहुत है,लेकिन उन्हे काम करने के सही अवसरों की कमी है इसके लिए कही न कही हमारी सोच ही जिम्मेदार है क्योंकि नौकरी और रोजगार में हमें फर्क समझना होगा रोजगार का अर्थ स्वारोजगार भी होता है।
हमें रोजगार पाने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने की सोच रखनी होगी। आधुनिक विज्ञान, तकनीकी शोध और सबसे जरूरी काम करने की इच्छाशक्ति होना बहुत जरूरी है। उन्होंने युवाओं से कहा कि अब समय आ गया है कि युवा अपनी शक्ती को पहचाने और दस, पन्द्रह हजार रूपयों की मामूली नौकरी पर निर्भर रहने के बजाया वो स्वरोजगार की दिशा में प्रयास करे तो वो लाखों रूपयों की आमदानी अर्जितकर सकता है। श्री. गडकरी कहा कि हमारे आसपास ही ढेरों ऐसे प्रोजेक्ट है जिसमें हम अपने लिए रोजगार के अवसर तलाश सकते है। आज के दौर की मांग को देखते हुए हम बायो फ्यूल की उपलब्धता को बढानेके लिए छोटी इकायों के व्दारा इथिनाल बढाने का काम कर सकते है। श्री गडकरी जी ने कहा कि यदि हम ठान लें तो हमारे पास अवसरों की कमी नही है बशर्ते हममें काम करने की जिद होनी चाहिए। यही वजह है कि आज नागपुर म्युनिसिपिल कॉरपोरेशन टायलेट का पानी को बेचकर ८० करोड रुपयों का राजस्व कमा रहा है। जिस पानी से बिजली पैदा की जा रही है। उससे निकलने वाली वेस्ट से भी गैस पैदा हो रही है। जो भविष्य में वाहन चलाने के लिए उपयोग में लाई जाएगी। हमारे कटे हुए बालों से अमीनो एसिड बनाया जा रहा है। जो खेती में पैदावार बढाने के लिए फायदे मंद है। हमें दुबई तक से इसे निर्यात करने के आर्डर मिल रहे है। श्री गडकरी ने बताया कि दिल्ली में निकलने वाले कूडे से हमें खाद मिल सकती है जिसे हम विदर्भ किसानो के लिए लाने का प्रयास कर रहे है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज का दौर स्किल नॉलेज और इनोवेशन का दौर है यदि आपके पास में है तो लोग ढूंढ कर आपके पास आयेगें क्वालिटी, उद्देश्य, प्लानिंग और स्पष्टता हमारे पास होनी चाहिए। हमारे नागपुर में शक्कर से हम डिटर्जेंट, शैम्पू, फैशवाश बना रहे है। जिसकी विदेशी बाजार में काफी मांग है। श्री गडकरी ने कहा कि इस जमाने में कुछ भी वेस्ट नही है थोडा सा प्रयास सें हम वेस्ट को वेल्थ में बदल सकते है। इसके लिए आपको अपना दिमाग खुला रखना होग।
श्री. गडकरी ने कहा कि हमारे आसपास के क्षेत्रों में बांस बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है और हम बांस से भी बायोफ्यूल प्राप्त कर सकते है। बास और कपास को 70 : 30 के अनुपात में मिला कर अच्छी क्वॉलिटी के कपडे बनाए जा सकते है। इस वक्त हम कचरे से मीथेन और कार्बनडाई आक्साइड जैसे के उत्पादन का प्रयास कर रहे है और उम्मीद है कि आने वाले बुछ महीनों में हम इसें लाभ के उदयोग में बदलने में कामयाब होगे। उन्होने बताया कि खेती के क्षेत्र में नये शोध किए जा रहे है और हमारा प्रयास होगा कि हम इसे युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कर सकते है। इस मौके पर नागपुर की मेयर श्रीमती नंदा जिचकर, राज्यसभा सांसद अजय संचेती, दत्ता मेघे, नागपुर म्युनिसिपल कारपोरेशन के अपर आयुक्त रविन्द्र ठाकरे, महाराष्ट्र औदयोगिक विकास केन्द्र के अध्यक्ष संदीप जोशी, मोटीवेशनल वक्ता श्वेता शालिनी कार्यक्रम के आयोजक श्री. केतन माहितकर आदि उपस्थित थे।