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सपा-बसपा गठबंधन के बाद आरजेडी तेजस्वी यादव का मायावती को पैरछूकर आशीर्वाद लेना बिहार मे नए राजनीतिक समीकरण की तैयारी...
Posted by : achhiduniya
14 January 2019
समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के बीच
सियासी गठबंधन की घोषणा के अगले ही दिन राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू
प्रसाद यादव के छोटे बेटे और राजनीतिक वारिस तेजस्वी यादव मायावती और अखिलेश यादव
से मिलने के लिए लखनऊ पहुंच गए। लखनऊ में सबसे पहले उनकी मुलाकात बसपा सुप्रीमो
मायावती से हुई। तेजस्वी यादव ने मुलाकात की कुछ तस्वीरें ट्वीट भी की है। एक
तस्वीर में वह मायावती के पैर छूकर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। तस्वीर लखनऊ की है,लेकिन इसका सियासी असर बिहार में दिखने को मिल सकता है। इस मुलाकात
के बाद तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी बाबा साहेब आंबेडकर के बनाए संविधान को खत्म कर
नागपुर का कानून लागू करने में जुटी है।
इससे पहले तेजस्वी यादव एससी-एसटी एक्ट के
बहाने नरेंद्र मोदी सरकार पर दलितों और पिछड़े वर्ग को आपस में लड़ाने का आरोप लगा
चुके हैं। क्योंकि वह अपने आप को पार्टी के कोर वोटर के साथ भी खड़ा दिखाना चाहते
हैं। शायद उन्हें इस बात का एहसास रहा होगा कि एससी-एसटी एक्ट के बेजा इस्तेमाल की
जब बात होती है तो इसकी गैर जमानती धारा सिर्फ सवर्णों के लिए नहीं, बल्कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल
जातियों पर भी लागू होती है और यादव भी इसमें शामिल हैं। इस मुलाकात के बहाने
तेजस्वी यादव ने बिहार के 17 फीसदी अनुसूचित जातियों के वोट बैंक को
साधने की कोशिश की है।
क्योंकि वह जानते हैं कि मुस्लिम-यादव समीकरण के साथ अगर महादलितों को आरजेडी के पक्ष में करने में सफल होते
हैं तो इसका फायदा आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है। मायावती से चेहरे
को भुनाने की कोशिश कोई पहली बार नहीं हो रही है। इससे पहले जब बसपा सुप्रीमो ने
राज्यसभा से इस्तीफा दिया था, तब उस समय
लालू यादव ने उन्हें राज्यसभा से सदन में भेजने के प्रस्ताव दिया था।


