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- हरी झंडी मिलते ही तकनीकी दिक्कत के चलते वंदे भारत एक्सप्रेस [स्वदेशी ट्रेन 18] के थमे पहिये....
Posted by : achhiduniya
16 February 2019
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वदेशी ट्रेन 18 को
हरी झंडी दिखाई थी, जिसका नाम बदल कर वंदे भारत एक्सप्रेस कर
दिया गया है। वंदे भारत एक्सप्रेस का निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में
18 महीने में किया गया है। इस ट्रेन को सेमी हाई स्पीड ट्रेन 18 कहा गया, जिसका नाम हाल में ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ रखा गया था। यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की
अधिकतम रफ्तार से चल सकती है और इसमें शताब्दी ट्रेनों जैसी यात्री श्रेणी लेकिन
बेहतर सुविधाएं हैं। ट्रेन के लिये टिकट की बुकिंग शुरू हो गयी है और आम जनता के
लिए यह ट्रेन 17 फरवरी से दिल्ली से वाराणसी के बीच सप्ताह में पांच दिन चला
करेगी। वही वंदे भारत ट्रेन शनिवार को वाराणसी से दिल्ली आते वक्त ब्रेक डाउन का
शिकार हो गई। ब्रेक डाउन के बाद विक्रमशिला एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे मीडिया
कर्मियों को दिल्ली लाया गया। जानकारी के मुताबिक दिल्ली से 200 किमी दूर यह ब्रेक
डाउन हुआ। रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक रेलवे ट्रैक पर कुछ पशुओं की आने की वजह
से ट्रेन की यात्रा बधित हुई। मीडिया
रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रेन की अंतिम चार बोगियों में बिजली गुल हो गई और आखिरी के
कुछ डिब्बों के ब्रेक जाम हो गए, जिसके चलते
ट्रेन रुकी।
समस्या के बाद से इंजीनियर प्रिंसिपल चीफ मैकेनिक इंजीनियर उत्तर
रेलवे के संपर्क में हैं। ट्रेन पर मौजूद इंजीनियरों ने वरिष्ठ अधिकारियों को
बताया कि ट्रेन के कंट्रोल्स भी फेल हो गए। खबर है कि ट्रेन को ठीक करने के लिए
दिल्ली की जगह निकटम मेंटेनेंस शेड में ले जाया जाएगा। फिलहाल इस गड़बड़ी को ठीक
नहीं किया जा सका। अधिकारियों के अनुसार पटरी से अवरोध को हटाने के बाद सुबह 8.30
बजे ट्रेन का संचालन दोबारा हो सका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले ही
इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। इस अवसर पर रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे बोर्ड
के सदस्य उपस्थित थे। रविवार से यह ट्रेन आम लोगों के लिए शुरू होने वाली थी, लेकिन ट्रेन में खराबी के चलते रविवार को इसके
पहले कमर्शियल रन को लेकर स्थितियां साफ नहीं हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह छह बजे दिल्ली से रवाना होगी और दोपहर दो
बजे वाराणसी पहुंचेगी। उसी दिन यह ट्रेन वाराणसी से तीन बजे चलेगी और रात 11 बजे
दिल्ली पहुंचेगी। सोमवार और बृहस्पतिवार को छोड़कर ट्रेन सप्ताह में पांचों दिन
चलेगी।
दिल्ली से वाराणसी जाने के लिए वातानुकूलित कुर्सीयान के टिकट का किराया
1760 रुपये है और एक्जीक्यूटिव श्रेणी का किराया 3310 रुपये है। जबकि, वापसी में वातानुकूलित कुर्सीयान के टिकट का
किराया 1700 रुपये और एक्जीक्यूटिव श्रेणी का किराया 3260 रुपये है। दोनों किराये
में खान-पान का भी शुल्क शामिल है। इस ट्रेन के अंदर 16 कोच हैं, वाई-फाई, जीपीएस बेस्ड
यात्री सूचना प्रणाली, स्पर्श मुक्त जैव शौचालय, एलईडी लाइट, मोबाइल चार्जिंग
पॉइंट और उपस्थित यात्रियों तथा मौसम के अनुसार तापमान को कम ज्यादा करने में
सक्षम मौसम नियंत्रण प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध है। ट्रेन के अंदर एडवांस्ड
सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है जिसकी वजह से ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों को
मामूली झटका भी नहीं लगेगा। कार्बन फुटप्रिंट रोकने के लिए रेल गाड़ी में
री-जेनरेटिव ब्रेक प्रणाली लगाई गई है, जिससे 30
प्रतिशत बिजली की बचत होगी। इस ट्रेन में कुल 1,128 यात्रियों
के बैठने की क्षमता है।


