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राफेल लड़ाकू विमान का सौदा पूर्ववर्ती संप्रग UPA सरकार द्वारा की गई पेशकश की तुलना से NDA में सस्ता.... नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्ट
Posted by : achhiduniya
13 February 2019
संसद में बुधवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की
रिपोर्ट के अनुसार, राजग सरकार के तहत हुआ राफेल सौदा पूर्ववर्ती
संप्रग सरकार के दौरान इस सौदे पर हुई वार्ता पेशकश की तुलना में 2.86 प्रतिशत सस्ता है। कैग की इस रिपोर्ट पर
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि ऐसा नहीं हो सकता कि सुप्रीम कोर्ट भी
गलत, कैग भी गलत और सिर्फ परिवारवाद ही सही है।
उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट से महा झूठ बंधन का चेहरा बेनकाब हुआ है। नियंत्रक
एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन
(NDA) सरकार के दौरानहुआ राफेल लड़ाकू विमान का
सौदा पूर्ववर्ती संप्रगसरकार द्वारा कीगई पेशकश की तुलना में सस्ता है। राफेल
मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी वाकयुद्ध का स्तर मंगलवार को और नीचे
चला गया जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देशद्रोह और अनिल अंबानी
के बिचौलिये के रूप में काम करने का आरोप लगाया।
इस पर पलटवार करते हुए सत्तारूढ़
दल ने दावा किया कि उन्होंने विदेशी कंपनियों के लिए लॉबीस्ट के तौर पर काम किया। बीजेपी
नेता रवि शंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि गांधी परिवार का देश को लूटने का
इतिहास रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह बेशर्मी और गैरजिम्मेदारी की पराकाष्ठा है कि कांग्रेस अध्यक्ष ईमानदार प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी पर कीचड़ उछाल रहे हैं। मोदी पर ताजा हमला बोलते हुए गांधी ने 28 मार्च, 2015 को एयरबस के
कार्यकारी निकोलस कैमस्की द्वारा कथित तौर पर लिखा गया ईमेल मीडिया में जारी किया।
सब्जेक्ट में अंबानी लिखे इस ईमेल को तीन लोगों को भेजा गया था। ईमेल का संदर्भ
देते हुए गांधी ने दावा किया कि 2015 में मोदी के
दौरे के दौरान भारत और फ्रांस द्वारा की गयी राफेल सौदे की घोषणा से पहले ही
अंबानी को इसकी जानकारी थी। उन्होंने कहा कि यह सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन
है।
उन्होंने कहा कि मोदी को इस काम के लिए जेल भेजना चाहिए। राहुल गांधी को झूठ
की मशीन करार देते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ईमेल हेलीकॉप्टर सौदे से संदर्भित
है न कि राफेल खरीद थे। उन्होंने एयरबस को भी कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि
यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार में हुए सौदों को
लेकर संदेह के घेरे में है। गांधी के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए अंबानी के
रिलायंस डिफेंस ने कहा कि ईमेल में उल्लेखित प्रस्तावित एमओयू का जिक्र एयरबस
हेलीकाप्टर से उसके सहयोग को लेकर किया गया है इसका लड़ाकू विमान सौदे से कोई
लेना-देना नहीं है।


