- Back to Home »
- State News »
- 2019 लोकसभा चुनाव महाराष्ट्र नागपुर में गुरु [गडकरी] और चेले [नाना पटोले] के बीच होगी चुनावी दंगल...
2019 लोकसभा चुनाव महाराष्ट्र नागपुर में गुरु [गडकरी] और चेले [नाना पटोले] के बीच होगी चुनावी दंगल...
Posted by : achhiduniya
22 March 2019
नागपुर लोकसभा सीट के तहत 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। वर्ष
1951 में इस सीट के अस्तित्व में आने के बाद ज्यादातर समय कांग्रेस पार्टी का
कब्जा रहा है। आरएसएस का मुख्यालय होने के बाद भी अब तक केवल दो बार बीजेपी ने
इस सीट पर केसरिया परचम फहराया है। वर्ष 1952 से लेकर 1991 के तक यहां कांग्रेस का
राज रहा। साल 1996 में पहली बार बीजेपी ने इस सीट पर जीत का स्वाद चखा। बीजेपी के
बनवारी लाल पुरोहित इस सीट से बीजेपी के सांसद बने। इसके बाद वर्ष 2014 तक बीजेपी
को जीत का इंतजार करना पड़ा। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में नितिन
गडकरी ने कांग्रेस के विलास मुत्तेमवार को करीब 3 लाख वोटों से मात दी थी। गडकरी
को 5,87,767 वोट मिले थे और मुत्तेमवार को 302939 वोट।
नागपुर लोकसभा सीट पर इस
बार भी मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच होने जा रहा है। हालांकि बीजेपी को मात
देने के लिए कांग्रेस ने पूर्व बीजेपी सांसद को ही मैदान में उतार दिया है। इस सीट
पर वर्ष 2014 में बीएसपी (96433 वोट) नंबर तीन और आम आदमी पार्टी (69081 वोट) नंबर
4 पर रही थी। वर्ष 2014 की अपेक्षा इस बार नागपुर लोकसभा सीट पर 5,30,063 ज्यादा
मतदाता हैं। इस सीट पर अब कुल मतदाताओं की संख्या 40,24,197 पहुंच गई है। राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ के इस गढ़ में गुरु और चेला आमने-सामने हैं। बीजेपी ने यहां से एक
बार फिर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को टिकट दिया है वहीं कांग्रेस ने नाना पटोले
को टिकट देकर चुनावी माहौल को रोमांचक बना दिया है। पटोले बीजेपी के नेता रह चुके
हैं और गडकरी को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं। दरअसल, नाना पटोले बीजेपी के टिकट पर वर्ष 2014 का
लोकसभा चुनाव भंडारा-गोंदिया सीट से जीते थे।
उन्होंने एनसीपी के दिग्गज नेता
प्रफुल्ल पटेल को करीब डेढ़ लाख वोटों से हराया था। वर्ष 2017 में उन्होंने
बीजेपी को अलविदा कह दिया और संसद से भी इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पटोले पिछले
साल कांग्रेस में शामिल हो गए। पटोले ओबीसी समुदाय से आते हैं। पटोले कुछ भी दावा
करें लेकिन संघ के इस गढ़ में उन्हें दोतरफा चुनौती से जूझना पड़ेगा। गडकरी से जब पटोले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने
कहा कि वह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ कभी दुश्मनी नहीं रखते। गडकरी ने उनके
खिलाफ चुनाव लड़ रहे नाना पटोले को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, मैं राजनीति में ऐसी दुश्मनी नहीं रखता। मेरी
शुभकामनाएं उनके साथ हैं। उधर, पटोले ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव में गडकरी
की छवि का कोई असर नहीं पड़ेगा।


