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- इंसान के मन पर कैसे और कितना होता है पोर्न वीडियो का असर....?
Posted by : achhiduniya
20 April 2019
एक उम्र के बाद विपरीत लिंग की तरफ आकर्षित होना आम बात है।
मेडिकल डेली रिपोर्ट के अनुसार, एक रिसर्च में
इस बात का खुलासा हुआ कि जो लोग पोर्न फ़िल्में देखते हैं उनके दिमाग में इससे
संबंधित कई नए-नए विचार आते हैं। ऐसी फ़िल्में देखने से dopamine हर्मोन जो कि कामेच्छा (सेक्स ड्राइव) को
बढ़ाता है उसका निर्माण तेजी से होता है। यह न्यूरो ट्रांसमीटर की तरह काम करता है
जिससे व्यक्ति को ख़ुशी मिलती है और शारीरिक संबंधों के प्रति उसका झुकाव बढ़ता है।
2014 में हुई एक स्टडी में खुलासा हुआ था कि अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से ऐसी
फिल्में देखता है तो एक समय ऐसा आता है जब यौन संबंधों में उसकी रूचि और ख़ुशी कम
होने लगती है। ऐसी एक अन्य रिसर्च हुई थी साल 2011 में जिसके मुताबिक, पोर्न देखने वाली युवा पीढ़ी शादीशुदा संबंधों में
चरम सुख की अनुभूति नहीं कर पाती है। ऐसे लोगों का सम्बन्ध उनके पार्टनर के साथ भी
अच्छा नहीं रहता है। पोर्न देखने से दिमाग के striatum हिस्से पर
बुरा असर पड़ता है। पोर्न देखने से striatum सिकुड़ जाता है
और सुचारू रूप से काम नहीं कर पाता। दिमाग का यह हिस्सा लोगों को प्रेरणा देने का काम
करता है।
नियमित रुप से एडल्ड वीडियो देखने का जो पहला प्रभाव होता है वह है सेक्स
की लत। अश्लील सामग्री से यौन उत्तेजना या कामोत्तेजक बढ़ती है और धीरे धीरे
लड़कियां इसकी आदी हो जाती हैं। पोर्नोग्राफ़ी बहुत रोमांचक और पॉवरफुल इमेजरी
प्रदान करती थी, जिसे वे अक्सर महसूस करना चाहती हैं और
उनकी कल्पनाएं कुछ इसी तरह कि हो जाती हैं। एक बार आदी हो जाने पर वे तलाक, परिवार को नुकसान और कानूनी समस्याएं (जैसे यौन
उत्पीड़न, उत्पीड़न या साथी कर्मचारियों का दुरुपयोग)
जैसी परेशानियों में फंस सकती हैं। एडल्ट फिल्में देखने के प्रभाव लड़के और
लड़कियों दोनों पर पड़ता है।
शोध के मुताबिक, जो पुरुष या
महिला अधिक मात्रा में इस प्रकार के वीडियो देखते हैं उनके दिमाग की रचनात्मकता
धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। रिसर्च के मुताबिक, इस तरह के
वीडियो देखने वाले लोगों में याददाश्त की समस्या भी आने लगती हैं। शोध के मुताबिक, लड़कियों पर एडल्ट फिल्मों का प्रभाव उनकी
यादाश्त क्षमता के कम होने के रुप में दिखाई देता है। नियमित रुप से पोर्न देखने
से दिमाग की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और सिकुड़ सी जाती हैं। लड़कियों पर
एडल्ट फिल्मों का प्रभाव सबसे भयानक तब हो जाता है जब वो इस तरह के वीडियो देखने
के बाद अवैध सम्बन्धों को बुरा नहीं मानती हैं।
ऐसे संबंध न केवल लड़कि के लिए बल्कि
समाज के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। इसके बावजूद नियमित रुप से पोर्न फिल्में
देखने पर उनमें इसकी प्रवृत्ति बढ़ती जाती हैं। दिमाग को शांत करने और अपनी
उत्तेजना पर काबू न रहने के कारण वो अक्सर गलत कदम उठा लेती हैं। एडल्ट फिल्में भले ही भारत में सबसे ज्यादा देखी जाती हो। लेकिन, आज भी इन्हें छुप छुप कर ही देखना होता
है। अगर
किसी को इसकी लत लग जाये तो लोग अक्सर उससे किनारा करना शुरु कर देते हैं। भले ही
भारत 21 वीं सदी में खड़ा हो लेकिन आज भी देश में महिलाओं के पोर्न देखने की बात
समाज को पचती नहीं है। इसलिए पोर्न देखना समाज से अलगाव का कारण भी बनता है।





