- Back to Home »
- Technology / Automotive »
- जकरबर्क की पॉलिसीज के कारण ऑन्त्रप्रेन्योरशिप पर बड़ा खतरा..... फेसबुक के को-फाउंडर क्रिस ह्यूज का बयान
जकरबर्क की पॉलिसीज के कारण ऑन्त्रप्रेन्योरशिप पर बड़ा खतरा..... फेसबुक के को-फाउंडर क्रिस ह्यूज का बयान
Posted by : achhiduniya
10 May 2019
जकरबर्ग और क्रिस ने 2004 में दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में फेसबुक की शुरुआत की थी। क्रिस ह्यूज ने करीब 10 साल पहले ही अपने आप को फेसबुक से अलग कर लिया था। फेसबुक के को-फाउंडर रहे क्रिस ह्यूज ने जकरबर्ग पर आरोप लगाया है और कहा हे कि वे जरूरत से ज्यादा ताकतवर हो गए हैं। ह्यूज ने कहा कि फेसबुक सोशल मीडिया के क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए या तो अपनी प्रतिद्वंदी कंपनियों को खरीद लेता है या फिर उनकी नकल कर लेता है। इसके कारण इन्वेस्टर्स भी उसके किसी प्रतिद्वंदी कंपनी में पैसा नहीं लगाते क्योंकि उन्हें मालूम है कि कंपनी ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती है। क्रिस ने कहा कि जकरबर्ग जरूरत से ज्यादा ताकतवर हो गए हैं, इसलिए अब फेसबुक का टूटना जरूरी है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के संपादकीय में
क्रिस ने कहा कि जकरबर्क ने फेसबुक को बढ़ाने के लिए यूजर्स की सिक्योरिटी और प्राइवेसी
के साथ भी समझौता किया। उन्होंने कहा,दुनिया पर जकरबर्ग का
प्रभाव हैरान करने वाला है। वे सिर्फ फेसबुक के अलावा इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर भी
नियंत्रण रखते हैं। कंपनी का बोर्ड भी अपने हेड के कामों पर नजर रखने के तौर पर
नहीं बल्कि एक सलाहकार समिति की तरह काम करता है। क्रिस ह्यूज ने कहा कि फेसबुक की
बढ़ती ताकत का सबसे बुरा प्रभाव यह हो रहा है कि मार्क के पास लोगों की अभिव्यक्ति
पर एकतरफा नियंत्रण बढ़ता जा रहा है। वे एक साथ दो अरब लोगों की बातचीत पर नजर
रखने के साथ उसे सेंसर भी कर सकते है।
उन्होंने आगे कहा कि जकरबर्क की पॉलिसीज के
कारण ऑन्त्रप्रेन्योरशिप पर भी बड़ा खतरा है और इससे उपभोक्ताओं के विकल्प भी
सीमित होते हैं। उन्होंने अमेरिकी सरकार से फेसबुक का एकाधिकार खत्म करने की अपील
की है। क्रिस ने कहा कि अमेरिकी सरकार को दो चीजें करनी चाहिए। पहली कि वे फेसबुक
का मोनोपॉली खत्म करे और इसे नियम के मुताबिक चलाए। इसके अलावा इंस्टाग्राम और
वॉट्सऐप को फेसबुक से अलग कर दे और कंपनी के किसी भी तरह के नए अधिग्रहण को कुछ
सालों तक रोक दे।


