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- क्या है ऐंजल टैक्स जाने इस के बारे में सबकुछ...?
Posted by : achhiduniya
08 May 2019
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन सुशील चंद्र का कहना है कि टैक्स को हटाने को लेकर CBDT के पास कई सुझाव आए हैं। अब इनकम टैक्स विभाग को तय करना है कि किन स्टार्टअप्स से ऐंजल टैक्स से छूट दी जाए नहीं। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार भी ऐंजल टैक्स में छूट की सीमा 10 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ करने की तैयारी में है। आपको बता दें कि ऐंजल टैक्स की शुरुआत 2012 में हुई थी। तब वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बजट में इसका ऐलान किया था। इसका मकसद मनी लाउड्रिंग पर रोक लगाना था। क्या होता है ऐंजल टैक्स- बीते कुछ दिनों में कई स्टार्टअप को इनकम टैक्स विभाग के नोटिस मिले है, जिसमें उन्हें कई साल पहले कारोबार के लिए जुटाए गए फंड पर टैक्स चुकाने को कहा गया है।
कारोबार विस्तार के लिए जो पैसे
जुटाए जाते हैं। इसके एवज में पैसे देने वाली कंपनी या संस्था को वे शेयर जारी
करते हैं। अक्सर ये शेयर की वाजिब कीमत के मुकाबले ज्यादा कीमत पर जारी किए जाते
हैं। शेयर की अतिरिक्त कीमत को इनकम माना जाता है। इस इनकम पर टैक्स लगता है,
जिसे ऐंजल टैक्स कहा जाता है। स्टार्टअप को इस तरह मिले पैसे को
ऐंजल फंड कहते हैं। इनकम टैक्स विभाग ऐंजल टैक्स वसूलता है। ऐंजल टैक्स से
स्टार्टअप को मिलती है छूट लेकिन सरकार ने अप्रैल 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी
किया था।
इसमें इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 56 के तहत ऐसे मामलों में स्टार्टअप को
छूट दी गई थी, जिसमें ऐंजल इनवेस्टमेंट सहित कुल निवेश 10
करोड़ रुपये से ज्यादा न हो। इस छूट का लाभ उठाने के लिए स्टार्टअप को एक
अंतर-मंत्रालयी बोर्ड की मंजूरी और मर्चेंट बैंकर से वैल्यूएशन का सर्टिफिकेट लेना
जरूरी था। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस छूट का फायदा उठाने
के लिए शर्त यह थी कि पिछले तीन वित्त वर्ष में औसत 25 लाख से ज्यादा आय या फिर 2
करोड़ रुपये का न्यूनतम नेटवर्थ होनी चाहिए।


