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- बजट में ना खाता न बही, जो निर्मला कहें वो सही....स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेंद्र यादव ने कसा तंज़
Posted by : achhiduniya
06 July 2019
देश की पहली पूर्ण कालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में अपना
प्रथम बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार का मकसद हमारे नागरिकों के जीवन
को अधिक सरल बनाना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छता अभियान पर दिये
जाने वाले जोर की प्रतिध्वनि वित्त मंत्री के बजट भाषण में भी सुनाई दी। उन्होंने
कहा,यह सूचना देते हुए प्रसन्न एवं संतुष्ट हूं
कि भारत को दो अक्तूबर 2019 को खुले में शौच करने से मुक्त घोषित किया जाएगा। निर्मला सीतारमण ने संसद में करीब 2 घंटे 15 मिनट का भाषण दिया।
बजट पेश करने से पहले उन्होंने एक परंपरा से अलग हटते हुए बजट दस्तावेज को
ब्रीफकेस में न लेकर एक लाल रंग के कपड़े में रखा और उसके ऊपर अशोक चिन्ह लगा था। इस
पर सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के.सुब्रमण्यन ने कहा,वित्त
मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है। यह एक भारतीय परंपरा है।
यह
पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है। यह बजट नहीं है,बही खाता है।
इस बजट को लेकर स्वराज इंडिया के संस्थापक व चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने अपनी
प्रतिक्रिया दी है। योगेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, मैं तो हैरान हूं, ये कैसी बजट स्पीच है। अभी पूरी
बजट स्पीच हाथ मे नहीं आई,लेकिन बजट में कहीं इस बात का
ज़िक्र नही की किस मद में कितना। उन्होंने के.सुब्रमणयन के बही खाता वाले बयान पर
तंज कसते हुए कहा,बजट में ना खाता न बही, जो निर्मला कहें वो सही। जीरो बजट फार्मिंग की बात की लेकिन ये जीरो बजट
स्पीच है। किसानों को उम्मीद थी लेकिन सूखे का ज़िक्र नहीं। बटाईदार,ठेके पर खेती करने वालों का कोई जिक्र नहीं।

