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- 2020 तक एनपीए घोषित न करें और कर्ज के पुनर्गठन के लिए काम करें....सरकार ने बैंको को दिए निर्देश
Posted by : achhiduniya
19 September 2019
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ
बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाता सम्मेलन मे कहा कि रिजर्व
बैंक की ओर से पहले ही परिपत्र जारी किया जा चुका है जिसमें कहा गया है कि एमएसएमई
के दबाव वाले कर्ज को एनपीए घोषित नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि बैंकों को इस
परिपत्र का अनुपालन करने को कहा गया है। बैंकों से कहा गया है कि वे एमएसएमई के
दबाव वाले कर्ज को मार्च, 2020 तक एनपीए घोषित नहीं करें
और उनके कर्ज के पुनर्गठन के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि इससे एमएसएमई क्षेत्र
की मदद हो सकेगी।
सरकार ने बैंकों से कहा कि वे मार्च, 2020
तक सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) के दबाव वाले
कर्ज को गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) घोषित नहीं करें। साथ ही सरकार ने बैंकों
से एमएसएमई के कर्ज के पुनर्गठन पर काम करने को कहा है। वित्त मंत्री ने बताया कि
बैंकों ने कुछ ऐसी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की पहचान की हैं,
जिन्हें कर्ज उपलब्ध कराया जा सकता है। ऐसे में कर्ज लेने के इच्छुक
लोगों को नकदी और ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
सीतारमण ने बताया कि बैंक कर्ज देने
के इरादे से 29 सितंबर से पहले 200 जिलों में एनबीएफसी और खुदरा कर्जदारों के साथ
बैठक करेंगे। दूसरे चरण में 10 अक्टूबर से 15 अकटूबर के बीच 200 अन्य जिलों में
ऐसी बैठकें होंगी। यानी कुल मिलाकर 400 जिलों में इस प्रकार की बैठकें होंगी।


