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- यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने तैयार किया संदिग्ध अपराधियों की पहचान करने वाला सॉफ्टवेयर....
Posted by : achhiduniya
17 September 2019
मिली जानकारी के अनुसार रेलवे
स्टेशनों पर फेस रिकॉग्निशन सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंस्टॉल किया जायेगा।
आरपीएफ बैंगलोर में एक साइबर सेल भी खोल रही है ताकि एआई सिस्टम द्वारा जेनरेटेड
डेटा इंटीग्रेट किया जा सके और पुलिस की मदद से फौरन इसका एनालिसिस किया जा सके। रेलवे
स्टेशनों पर संदिग्ध या अपराधियों की पहचान करना अब
आसान हो जाएगा।
रेलवे प्रोटेक्शन फ़ोर्स (RPF) ने Artificial intelligence (AI) से लैस चेहरे
की पहचान करने वाला सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से संदिग्ध
व्यक्ति का डाटा सिस्टम में डाला जाएगा, जैसे ही
स्टेशन पर कैमरे में वो व्यक्ति कैद होगा उसका फॉरेन लाईन RPF कंट्रोल रूम
में भेज दिया जाएगा। इस Face Recognition सिस्टम की
शुरुआत बैंगलोर रेलवे स्टेशन से की गई है। जल्द ही इस नए सिस्टम को दिल्ली, कोलकाता, पटना और
मुम्बई समेत 100 बड़े रेलवे स्टेशन पर इंस्टॉल किया जाएगा।
रेलवे के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर से अपराधियों को पकड़ने में आसानी होगी और यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। अब दक्षिण-पश्चिम रेलवे बहुत जल्द जनरल बोगी के यात्रियों के लिए बायोमेट्रिक आधारित टोकन लाने वाला है। एक अधिकारी के मुताबिक, यह टोकन उन यात्रियों के लिए उपलब्ध होगा जो यात्रा से ठीक पहले प्लेटफॉर्म से टिकट बुक कराते हैं। रेलवे का मकसद है कि वास्तविक यात्रियों को ट्रेन की बोगी में सीट मिल सके।
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| [प्रतीकात्मक चित्र] |
रेलवे के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर से अपराधियों को पकड़ने में आसानी होगी और यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। अब दक्षिण-पश्चिम रेलवे बहुत जल्द जनरल बोगी के यात्रियों के लिए बायोमेट्रिक आधारित टोकन लाने वाला है। एक अधिकारी के मुताबिक, यह टोकन उन यात्रियों के लिए उपलब्ध होगा जो यात्रा से ठीक पहले प्लेटफॉर्म से टिकट बुक कराते हैं। रेलवे का मकसद है कि वास्तविक यात्रियों को ट्रेन की बोगी में सीट मिल सके।


