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- CG-CM भूपेश बघेल का सियासी मास्टर स्ट्रोक आरक्षण का आंकड़ा 82 फीसदी तक....
Posted by : achhiduniya
07 September 2019
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रदेश
में आरक्षण का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया था। घोषणा के 20 दिन बाद राज्य सरकार ने विधिवत आरक्षण बढ़ाए
जाने का अध्यादेश भी जारी कर दिया गया है। इस अध्यादेश के जरिए आरक्षण का प्रतिशत
बढ़कर 82 फीसदी हो गया है। आरक्षण के नए प्रावधानों
का छत्तीसगढ़ लोक सेवा संशोधन अध्यादेश 2019 का राजपत्र
में प्रकाशन कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के जरिए अब राज्य में अनुसूचित जाति
(एससी) का आरक्षण 12 से बढ़कर 13 और अन्य
पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण 14 से बढ़कर 27 प्रतिशत हो गया है।
अनुसूचित जनजाति वर्ग (एसटी)
के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह पूर्व की तरह 32 प्रतिशत ही रहेगा। इसके अलावा आर्थिक रूप से
कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण भी राज्य में प्रभावी हो
गया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण का लाभ एसटी, एससी और ओबीसी को नहीं मिलेगा। इस तरह राज्य में
अब आरक्षण का प्रतिशत 82 प्रतिशत हो गया है। राज्य में जनसंख्या के
अनुपात को देखा जाए तो एसटी 32 प्रतिशत, एससी 12 प्रतिशत और
ओबीसी की आबादी 45 प्रतिशत है। आबादी के हिसाब से इन तीनों
वर्गों की हिस्सेदारी 89 प्रतिशत है। इसी आबादी के गणित को देखकर
यह आरक्षण व्यवस्था लागू
की गई है। राजनीतिक विश्लेषक रुद्र अवस्थी का
कहना है, आरक्षण का विरोध कोई
नहीं करेगा, मगर इसे संविधान के
प्रावधानों को ध्यान में रखकर लागू किया जाना चाहिए। जहां तक राज्य में नई आरक्षण
व्यवस्था को लागू किए जाने का सवाल है, इससे भूपेश बघेल और
कांग्रेस को निसंदेह लाभ होगा। यह फैसला राजनीतिक तौर पर कांग्रेस को दूरगामी लाभ
देने वाला साबित हो सकता है। राज्य के सियासी गणित को मुख्यमंत्री भूपेश
बघेल ने और पुख्ता करने की कोशिश की है। आरक्षण का आंकड़ा 82 फीसदी तक पहुंच गया है, इसके लिए अध्यादेश भी जारी कर दिया गया है, मगर कानूनी पेंच फंसने की आशंकाओं को नकारा नहीं
जा रहा है।


