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महाराष्ट्र में 6 महीने का राष्ट्रपति शासन घोषित,तीसरी बार लगे राष्ट्रपति शासन के क्या होंगे दूरगामी परिणाम...
Posted by : achhiduniya
14 November 2019
महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन तीसरी बार लगाया
गया है। सबसे पहले राष्ट्रपति शासन 17 फरवरी 1980 से जून 1980 तक लगाया गया था। जब मुख्यमंत्री शरद
पवार विधानसभा में अल्पमत में थे। दूसरी बार साल 2014 में 28 सितंबर से 30 अक्टूबर
तक 32 दिनों का राष्ट्रपति शासन लागू हुआ जब कांग्रेस सरकार में शामिल एनसीपी और
समर्थक दलों से अलग हो गई थी। राष्ट्रपति
शासन के दौरान कार्य कैसे होते हैं इस बात को समझना ज्यादा दिलचस्प है। राष्ट्रपति शासन से सीधा अर्थ है कि शासन का
अधिकार सीधे राष्ट्रपति के हाथों में। राज्यों में राष्ट्रपति तो आकर शासन करने से
रहे, इसलिए
राष्ट्रपति के नुमाइंदे राज्य के राज्यपाल के जरिए राज्य की शासन व्यवस्था चलाई
जाती है। कई ऐसे निर्णय हैं जिसे राज्यपाल नहीं ले सकते हैं।
राष्ट्रपति शासन के
दौरान राज्यपाल किसी भी नए प्रोजेक्ट के सिलसिले में निर्णय नहीं ले सकते। किसी भी
नीति निर्धारण के फैसले पर निर्णय नहीं लिया जा सकता। राष्ट्पति शासन के दौरान सब्सिडी और दूसरे
नीतियों पर निर्णय लंबित ही रहेगा। नए बजट नहीं बनाए जा सकते। कोई भी नया सरकारी प्रोजेक्ट की शुरुआत नहीं की
जा सकती। राष्ट्पति शासन के दौरान सचिव, राज्य
के मुख्य सचिव के मार्फत राज्य के राज्यपाल के जरिए काम काज चलाया जाता है। राज्य को केन्द्र सरकार की
तरफ चलाए जा रहे जनहित के कार्यक्रमों का लाभ राज्यपाल के लिया जा सकता है। हालांकि
अधिकारियों को पहले से ही अधिकार दिए गए हैं,लेकिन
सरकार से चुने हुए जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में सरकार का कोई बड़ा फैसला
अधिकारी भी नहीं लेते हैं यानि कुल मिलाकर अगर सरल भाषा में कहा जाए तो सरकार तो
चलेगी, लेकिन महज काम चलाने और रोज रोज के काम के संपादन के लिए।
महाराष्ट्र
में राजनीतिक गतिरोध बनने से 6 महीने का राष्ट्रपति शासन घोषित
किया गया है। महाराष्ट्र के सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से मंत्री और उनके
सहयोगी सहित व्यक्तिगत सचिव के दफ्तर को खाली करने का आदेश जारी कर दिया गया है। रिटायर्ड
आईएएस और पूर्व सचिव सी.एस.संगीतराव ने बताया, ऐसा
नहीं है कि किसी काम में बाधा आएगी, जो भी
रोज के काम होंगे वो सचिव और मुख्य सचिव की अगुवाई में होगी जिसमें राज्यपाल महोदय
के अनुमति दी जाएगी। अगर ये राष्ट्रपति शासन ज्यादा अवधि तक होगा तो एक
एडमिनिस्ट्रेटर की नियुक्ति कर दी जाएगी जो मुख्य सचिव के उपर होंगे।


