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बाद में सोचेंगे कि फैसला लेने में गलती हुई या नहीं,सही वक्त पर सही बात बताऊंगा...इस्तीफे के बाद कौनसे सही वक्त का इंतजार है देवेंद्र फडणवीस को.....?
Posted by : achhiduniya
27 November 2019
मंगलवार को इस्तीफा देने से पहले प्रेस
कॉन्फ्रेंस में देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि उनसे अजित पवार ने कहा था कि
शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन
नहीं हो पाएगा। फडणवीस ने कहा था,अजित पवार ने हमें समर्थन
पत्र भी सौंपा था,उन्हें एनसीपी ने गुट नेता भी चुना था। अब
सरकार बनाने के लिए गुट नेता की बात को ही सुनना पड़ता है न? फडणवीस ने यह भी कहा कि इस पर वह बाद में सोचेंगे कि फैसला लेने में गलती
हुई या नहीं। जब फडणवीस से अजित पवार को लेकर
सवाल किया गया तो वह साफ जवाब देने के बजाय बचते दिखे। क्या अजित पवार के हाथ
मिलाना उनकी गलती थी, इस पर फडणवीस ने कहा कि वह सही
वक्त आने पर सही जवाब देंगे। एक बीजेपी नेता ने कहा,हमें आने
वाले पांच साल तक इसके बारे में याद दिलाया जाएगा।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि
पांच साल तक शिवसेना के साथ इतना ज्यादा लाड़-दुलार दिखाने के बाद फडणवीस का
शिवसेना के साथ बातचीत में असमर्थ होना और संबंधों का टूट जाना राजनीतिक
अपरिपक्वता दिखाता है। अपने इस्तीफे से पहले फडणवीस ने कहा था,अजित ने बीजेपी के साथ सत्ता में आगे न बढ़ने के लिए अपने व्यक्तिगत कारण
बताए हैं। उन्होंने कहा कि अजित ने बिना शर्त समर्थन दिया था,उन्होंने समर्थन क्यों वापस लिया इसका जवाब वह ही देंगे। जब उनसे पूछा गया
कि क्या अजित का बीजेपी को समर्थन देना शरद पवार के इशारे पर हुआ है, इस पर उन्होंने कहा कि इसका जवाब भी पवार से पूछना चाहिए।
उधर बीजेपी के
वरिष्ठ नेताओं का भी मानना है कि अजित पवार के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए था।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने कहा,मेरी व्यक्तिगत राय
है कि बीजेपी को अजित दादा पवार का समर्थन नहीं लेना चाहिए। वह सिंचाई घोटाले में
आरोपी हैं और कई दूसरे मामले भी दर्ज हैं। इसलिए हमें उनके साथ गठबंधन नहीं करना
चाहिए था।


