- Back to Home »
- Motivation / Positivity »
- कभी किताबें पढ़ा करते थे,लेकिन गूगल ने उनकी पढ़ने की आदत बिगाड़ दी... स्टूडेंट के सवाल पर दिया पीएम मोदी ने जवाब
कभी किताबें पढ़ा करते थे,लेकिन गूगल ने उनकी पढ़ने की आदत बिगाड़ दी... स्टूडेंट के सवाल पर दिया पीएम मोदी ने जवाब
Posted by : achhiduniya
24 November 2019
मन की बात के 59वें संस्करण में प्रोग्राम के दौरान रोहतक हरियाणा
के एक स्टूडेंट अखिल ने प्रधानमंत्री से पूछा कि वह बहुत व्यस्त रहते हैं,लेकिन क्या इसके बावजूद उन्हें टीवी देखने, फिल्में देखने या किताबें पढ़ने का वक्त मिल पाता है? स्कूल
स्टूडेंट्स के साथ बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे किताबें पढ़ा करते थे,लेकिन गूगल ने उनकी
पढ़ने की आदत बिगाड़ दी है। क्योंकि यह किसी चीज का संदर्भ खोजने का एक शॉर्टकट है।
इस पर पीएम मोदी ने कहा, मैं हमेशा किताबें पढ़ने का शौकीन रहा हूं,लेकिन मेरी फिल्में देखने में कोई रुचि नहीं रही, न ही मैंने लगातार टीवी देखी है।
हालांकि, पहले कभी-कभी मैं डिस्कवरी चैनल देखा करता था। पीएम मोदी ने मजाक के लहजे में कहा, मैं किताबें पढ़ा करता था,लेकिन
आजकल मैं बहुत नहीं पढ़ पाता और गूगल ने भी हमें बिगाड़ा है क्योंकि हम कभी भी
उससे किसी चीज के बारे में जान सकते हैं। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही नेशनल कैडेट
कोर (NCC) के स्टूडेंट्स से बात की और उनके सवालों के जवाब दिए। मन की बात
के इस 59वें संस्करण में पीएम मोदी ने अयोध्या मामले में उच्चतम
न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताने के साथ ही
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मामले में धैर्य और परिपक्वता का परिचय देने के
लिए देश की जनता को साधुवाद दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस
ऐतिहासिक फैसले के बाद देश, न्यू इंडिया की भावना को अपनाकर शांति, एकता और
सद्भावना के साथ आगे बढ़े- यही मेरी कामना है, हम सबकी
कामना है। उन्होंने कहा कि जब 9 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट का
फैसला आया तो 130 करोड़ भारतीयों ने फिर से ये साबित कर दिया कि
उनके लिए देशहित से बढ़कर कुछ नहीं है।


