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'मोदीनॉमिक्स' (मोदी के अर्थशास्त्र) ने इतना ज्यादा नुकसान कर दिया है कि अब सरकार को अपनी ही रिपोर्ट छिपानी पड़ रही है...राहुल गांधी का प्रहार
Posted by : achhiduniya
15 November 2019
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक
मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया कि मोदीनॉमिक्स ने इतना ज्यादा
नुकसान कर दिया है कि अब सरकार को अपनी ही रिपोर्ट छिपानी पड़ रही है। उन्होंने
जिस रिपोर्ट का हवाला दिया, उसमें राष्ट्रीय सांख्यिकी
कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़े का हवाला देते हुए कहा गया है कि भारत में 2011-12 में एक व्यक्ति द्वारा खर्च की गई औसत राशि 1501 रुपए थी, जो 2017-18 में 3.7 फीसदी की गिरावट के साथ 1,446 रुपए हो गई।
इस रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति मासिक खपत
व्यय (एमपीसीई) के आंकड़े वास्तविक संदर्भ में हैं यानी इन्हें 2009-10 को आधार वर्ष मानकर महंगाई के हिसाब से समायोजित किया गया था। 2011-12 में वास्तविक एमपीसीई 2 साल की
अवधि में 13 फीसदी बढ़ा था। गांधी ने प्रति व्यक्ति द्वारा खर्च की औसत राशि में गिरावट से
जुड़ी खबर को लेकर शुक्रवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया
कि 'मोदीनॉमिक्स' (मोदी के अर्थशास्त्र) ने इतना
ज्यादा नुकसान कर दिया है कि अब सरकार को अपनी ही रिपोर्ट छिपानी पड़ रही है। कांग्रेस
प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला
और कहा कि एक बार फिर साबित हो गया है कि नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू की गई
जीएसटी से देश की अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान पहुंचा है।

