- Back to Home »
- Discussion »
- नागरिकता संशोधन बिल 2019 में कई अपवाद [खामिया] है,जो समझ से परे है....पी.चिदंबरम
Posted by : achhiduniya
11 December 2019
पूर्व वित्त मंत्री व कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने कहा कि सरकार जो बिल ला रही है, ये पूरी तरह से गैर-संवैधानिक है। हमारी जिम्मेदारी बनती है कि वही पास करें जो सही हो, अगर गैर-संवैधानिक बिल को हम पास करते हैं तो बाद में सुप्रीम कोर्ट इस बिल का भविष्य तय करेगी। पी.चिदंबरम बोले कि मुझे पूरा विश्वास है कि ये बिल अदालत में नहीं टिकेगा। मुझे कोई शंका नहीं है कि कोर्ट में यह कानून रद्द होने वाला है। यह चुनी हुई जन प्रतिनिधियों की संस्था के मुंह पर न्यायपालिका का एक थप्पड़ होगा। इस बिल में कुछ अपवाद रखे गए हैं वह समझ से परे हैं। पी.चिदंबरम ने कहा कि ये बिल आर्टिकल 14 की बातों का उल्लंघन करता है, जिसमें समानता का अधिकार शामिल है। इसमें जो कानूनी कमियां हैं, उसका जवाब कौन देगा और जिम्मेदारी कौन लेगा।
अगर कानून मंत्रालय
ने इस बिल की सलाह दी है तो गृह मंत्री को कागज रखने चाहिए, जिसने भी इस बिल की सलाह दी है उसे संसद में लाना चाहिए। बिल
में जिन 3 देशों को शामिल किया गया है श्रीलंका उनमें नहीं है। हालांकि, श्रीलंका के हिंदुओं और भूटान के ईसाई लोगों को इसमें शामिल किया
गया है। फिर इसमें श्रीलंका के तमिलों को क्यों शामिल नहीं किया गया है? पी.चिदंबरम ने कहा कि सरकार हिंदुत्व अजेंडा को आगे बढ़ा रही
है। यह एक बहुत दुखद दिन है। मैं सरकार को खुली चुनौती देता हूं कि वह अटर्नी जनरल
और कानून मंत्रालय को बिल के प्रावधानों पर जवाब देने के लिए बाध्य करें। मुझे
उम्मीद है कि न्यायपालिका इस बिल को अवैध करार देगी और आइडिया ऑफ इंडिया को बचाएगी।
पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने बिल का विरोध करते हुए इसकी
खामियां गिनाई और कहा कि यह बिल सुप्रीम कोर्ट में भी टिक नहीं पायेगी।

