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- संसद-सड़क से होती हुई नागरिकता संशोधन बिल की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची....
Posted by : achhiduniya
12 December 2019
नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर असम समेत
पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच संसद ने बुधवार को इसे अपनी
मंजूरी दे दी। राज्यसभा ने बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित कर
दिया। सदन ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने के विपक्ष के प्रस्ताव और
संशोधनों को खारिज कर दिया। विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 105 सदस्यों ने
इसके खिलाफ मतदान किया। अब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी IUML ने बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका
में आर्टिकल 14 के उल्लंघन का हवाला देते हुए बिल पर रोक लगाने की मांग की गई है।
साथ ही IUML
का कहना है कि संविधान मजहब के आधार पर भेदभाव की
इजाजत नहीं देता है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल कोर्ट में IUML का पक्ष रखेंगे। बिल को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद ही
इस याचिका को कोर्ट में मेंशन किया जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया कि
नागरिकता संशोधन विधेयक पूरी तरह से संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप है तथा इसमें किसी
की नागरिकता लेने नहीं, देने का प्रावधान है इसलिए देश के मुस्लिम नागरिकों को इससे डरने की
जरूरत नहीं है। शाह ने कहा कि गृहमंत्री ने कपिल सिब्बल के उस बयान का भी जिक्र
किया जिसमें उन्होंने कहा था कि देश का मुसलमान उनसे (भाजपा से) नहीं
डरता। नागरिकता
संशोधन विधेयक के संसद में पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत और इसके करुणा तथा
भाईचारे के मूल्यों के लिए ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने ट्वीट किया कि विधेयक
वर्षों तक पीड़ा झेलने वाले अनेक लोगों के कष्टों को दूर करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में विधेयक का समर्थन करने वाले
सभी सदस्यों का आभार भी व्यक्त किया।


