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- महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बने अजित पवार के साथ आदित्य ठाकरे ने ली केबिनेट के मंत्री पद की शपथ....
Posted by : achhiduniya
30 December 2019
शिवसेना ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव बीजेपी के
साथ मिलकर लड़ा था और शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को बहुमत भी मिला था, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच टकराव
पैदा हो गया था। उसके बाद शिव सेना ने कांग्रेस- एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली
और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने। बीते 29 नवंबर को उद्धव ठाकरे द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के
साथ ही 6 मंत्रियों ने शपथ ली थी। शिवसेना से एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई, एनसीपी से जयंत पाटिल और छगन भुजबल और कांग्रेस की ओर से
बालासाहेब थोराट और डॉ. नितिन राउत ने मंत्री पद की शपथ ली थी। महाराष्ट्र महाविकास
आघाडी [शिवसेना-रांकापा-कांग्रेस] की सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में तीनों ही दलों से कुल 36 मंत्रियों ने शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने विधान भवन
में आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले एनसीपी नेता अजित पवार को पद एवं गोपनीयता की
शपथ दिलाई। अजित पवार उद्धव ठाकरे सरकार में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अजित पवार के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएण अशोक चव्हाण ने कैबिनेट
मंत्री के रूप में शपथ ली।
कांग्रेस के जो 10 विधायक आज मंत्री बने हैं उनमें 8
कैबिनेट और 2 राज्यमंत्री शामिल हैं। इनमें अशोक चव्हाण (कैबिनेट), अमित देशमुख (कैबिनेट), असलम
शेख (कैबिनेट), यशोमति ठाकुर (कैबिनेट), वर्षा गायकवाड़ (कैबिनेट), सुनील
केदार (कैबिनेट), केसी पाडवी (कैबिनेट), विजय वडेट्टीवार (कैबिनेट), विश्वजीत
कदम (राज्य मंत्री), सतेज पाटिल (राज्य मंत्री)। इनके अलावा जिन मंत्रियों ने शपथ ली उनमें निम्न
नाम शामिल हैं। इसके बाद एनसीपी के दिलीप वलसे पाटिल ने कैबिनेट मंत्री के रूप में
शपथ ली। वलसे पाटिल पश्चिम महाराष्ट्र से चुनाव आते हैं। वह सातवीं बार एमएलए बने
हैं। पहले भी महाराष्ट्र सरकार में अलग अलग
पोर्टफोलियों संभाल चुके हैं। आदित्य ठाकरे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बेटे हैं। ठाकरे
परिवार से पहली बार विधायक बने हैं। मुंबई की वर्ली सीट से शिवसेना से विधायक है। बीजेपी
से राजनीति शुरू करने वाले धनंजय मुंडे ने इस बार अपनी चचेरी बहन पंकजा मुंडे को
हराया था।
धनंजय मुंडे महाराष्ट्र के मराठवाड़ा रीजन के बीड़ इलाके से आते हैं। दिवंगत
बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे के भतीजे हैं। कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले
अगले नेता विजय वादेत्तीवार रहे। विजय वादेत्तीवार चिमूल से कांग्रेस के विधायक
हैं जो कि नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली में हैं। अनिल वसंतराव देशमुख नागपुर की कटौल
विधानसभा से विधायक है। विदर्भ क्षेत्र में एनसीपी के नेता हैं। शरद पवार के करीबी
माने जाते हैं। विदर्भ में एनसीपी की पैठ बनाने में अहम भूमिका है। पहले भी कई
सरकारों में मंत्री रहे हैं। हसन मुशरिफ ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। कोल्हापुर
में कागल सीट से एनसीपी के विधायक हैं। इन्होंने शिवसेना के प्रत्याशी को ही हराया
था। पांच बार से विधायक हैं। वर्षा गायकवाड़ मुंबई की धारावी विधानसभा से लगातार
चौथी बार विधायक बनीं है। कांग्रेस पार्टी में दलित समाज का नेतृत्व करती है। पहले भी कई अहम मंत्रालयों को संभाल चुकी हैं। एनसीपी
नेता राजेंद्र शिंगणे ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। विदर्भ की बुलढाणा सीट
से विधायक हैं। नवाब मलिक ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। एनसीपी के
राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। अनुशक्ति नगर से एनसीपी के विधायक हैं। मुंबई में एनसीपी
से चुने जाने वाले इकलौते विधायक हैं। 2009, 2014 में भी विधायक रहे हैं।


