- Back to Home »
- Crime / Sex »
- प्रसूति व बाल रोग विशेषज्ञ नागपुर सहित राज्य के 14 फर्जी डिग्री डिप्लोमा धारी डॉक्टरों का महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल ने लाइसेंस किया रद्द....
प्रसूति व बाल रोग विशेषज्ञ नागपुर सहित राज्य के 14 फर्जी डिग्री डिप्लोमा धारी डॉक्टरों का महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल ने लाइसेंस किया रद्द....
Posted by : achhiduniya
11 January 2020
बीते वर्ष 2014 से 2016 के बीच पीजी की डिग्री लेने वाले डॉक्टरों की डिग्री की जांच के दौरान महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल [MMC] को गड़बड़ी का अंदेशा हुआ था। मुंबई स्थित कॉलेज ऑफ फिजिशियन एंड सर्जरी से पीजी करने वाले कुछ डॉक्टरों के नाम कॉलेज के पास अभ्यर्थियों की सूची में दर्ज नहीं थे। जांच से पता चला कि कुछ डॉक्टर परीक्षा पास नहीं करने के बावजूद डिग्री जुटाने में सफल रहे। कई डाक्टर MMC के सामने कबूल कर चुके हैं कि उन्होंने तीन से चार लाख रुपए खर्चकर डिग्री जुटाई थी। अब तक पाई गई गड़बड़ियों में से अधिकतर मामले संबंधित कॉलेज से जुड़े हैं।
हाल ही सामने आए 14 मामलों में अधिकतर डिग्री प्रसूति व बाल रोग
विशेषज्ञ के हैं। इसके साथ ही मेडिसिन रेडियोलॉजी, ट्यूबरोक्लोसिस
डीजिज के डिप्लोमा भी शामिल हैं। राज्य में MBBS के बाद
विशेषज्ञता की फर्जी डिग्री या डिप्लोमा के सहारे लोगों का उपचार करने वाले 14
डॉक्टरों के नाम फिर सामने आए हैं। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल [MMC] ने हाल ही 14 डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द किए हैं। राज्य में इस
गोरखधंधे की जड़े काफी गहरी हैं। MMC अब तक कुल 133 डॉक्टरों की विशेषज्ञा संबंधी पीजी की डिग्री को
रद्द कर चुका है। सूत्रों के अनुसार इनमें से नागपुर के चार डॉक्टरों के नाम भी
शामिल हैं।
दोषी पाए गए डॉक्टरों की विशेषज्ञता की डिग्री रद्द कर दी गई है और
प्रैक्टिस करने पर भी एक साल की रोक लगाई गई है। पिछले वर्ष सामने आए मामलों में
18 डाक्टरों पर एक वर्ष तक प्रैक्टिस नहीं करने की रोक एक वर्ष पूरा होने के बाद
हटा लिया गया है। हालांकि ऐसे डॉक्टर जो MMC के सामने हाजिर नहीं हुए उन पर रोक की अवधि पांच
वर्ष कर दी गई है। MMC के सूत्रों के अनुसार फर्जी
डिग्री वाले डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की जा चुकी है। हालांकि इससे इनकार
नहीं किया जा सकता है कि उनमें से कई चोरी छिपे प्रैक्टिस कर रहे हों।


