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70 सीटो वाली दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के 70 योद्धा [उम्मीदवार] चुनावी रणभूमी में उतरेंगे....
Posted by : achhiduniya
14 January 2020
बीते साल 2012 में आम आदमी पार्टी के गठन के बाद पार्टी प्रमुख के रूप में
अरविंद केजरीवाल ने पहली बार 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव
में नई दिल्ली सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सामने चुनाव लड़ने का
फैसला लिया था। इस वक्त दिल्ली की राजनीति में बड़ा नाम शीला दीक्षित के सामने
चुनाव लड़ना एक बड़ी बात थी। शीला दीक्षित लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री
बन चुकी थीं,
लिहाजा, चुनावी
मुकाबला सबसे दिलचस्प था। इस चुनाव में अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित को 25,864 वोटों से हरा दिया था। हालांकि बाद में केजरीवाल ने कांग्रेस के साथ
मिलकर दिल्ली में सरकार बनाई।
यह सरकार 49 दिन तक चली। बाद में केजरीवाल जब दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल
बिल लेकर आए तो कांग्रेस ने उन्हें समर्थन नहीं दिया और यह बिल पास नहीं हो सका। इसके
बाद केजरीवाल ने सरकार से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद साल 2015 में दिल्ली में फिर से हुए विधानसभा चुनाव में केजरीवाल इसी
सीट से चुनावी मैदान में उतरे। इस बार उनके सामने कांग्रेस ने पूर्व मंत्री
प्रोफेसर किरण वालिया को मैदान में उतारा तो भाजपा ने दिल्ली विश्वविद्यालय
छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष नुपुर शर्मा को टिकट दिया। इस बार भी केजरीवाल जीते और
दूसरी बार दिल्ली के सीएम बने। उन्होंने 31 हजार
से भी ज्यादा वोटों से नुपुर शर्मा को हराया। 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में आप ने 70 में से 67 सीटें जीती थीं।
इस बार आम आदमी
पार्टी ने 46 मौजूदा विधायकों को टिकट दिया है, जबकि 15
का टिकट काट दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली से, जबकि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पटपड़गंज से चुनाव लड़ेंगे।
आम आदमी पार्टी ने इस बार इस बार 6 की जगह 8 महिलाओं को टिकट दिए हैं। अब दिल्ली
में सिंगल फेज में 8 फरवरी को चुनाव हैं और इसके
नतीजे 11 फरवरी को आएंगे।


