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- मुस्लिम महिला कर रही हिन्दू ग्रंथ रामचरितमानस का उर्दू अनुवाद...
Posted by : achhiduniya
12 January 2020
वाराणसी की रहने वाली नाजनीन मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर हैं और मुस्लिम समाज के लिए काम करती हैं। उनका कहना है कि वे उर्दू में रामचरितमानस लिखकर उन राजनेताओं को सन्देश देना चाहती हैं, जो देश की जनता से सीएए और एनआरसी के नाम पर हिंसा कराकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। इतिहासकारों की मानें तो, 400 साल पहले मुगल सम्राट अकबर ने धर्मग्रंथों के प्रति प्रेम को लेकर एक अनुवाद विभाग की स्थापना की थी।
काशी की
नाजनीन तुलसीदास द्वारा लिखी गयी रामचरितमानस का उर्दू अनुवाद कर रही है। नाजनीन
अब तक रामचरितमानस के बाल कांड से लेकर सुन्दर कांड तक उर्दू में अनुवाद कर चुकी
हैं। नाजनीन ने बताया कि वे इससे पहले हनुमान चालीसा, दुर्गा चालीसा और साईं चालीसा का भी उर्दू में अनुवाद कर चुकी
हैं। वाराणसी की रहने वाली नाजनीन अंसारी कहती हैं कि
रामचरितमानस का उर्दू में
अनुवाद करने की पीछे उनकी मंशा है कि हमारे देश के मुस्लिम लोग भी इसे पढ़ें और
भगवान राम के बारे में जान सकें। उन्होंने बताया कि अब तक बाल कांड से लेकर सुन्दर
कांड तक का उर्दू अनुवाद हो गया है। इसके साथ ही नाजनीन ने अकबर की जीवनी को पढ़कर
राम आरती का भी उर्दू में अनुवाद किया है।


