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- अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह जैसे लोग मानव अधिकारों के नाम पर धंधा करते हैं... निर्भया की मां आशा देवी
Posted by : achhiduniya
23 January 2020
निर्भया केस में वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की मां आशा देवी से दोषियों को माफ करने की बात कही थी। जयसिंह ने एक ट्वीट करते हुए लिखा था कि वह उनसे (निर्भया की मां) सोनिया गांधी का उदाहरण लेने का अनुरोध करती हैं। सोनिया ने नलिनी (राजीव गांधी की हत्या की दोषी) को माफ कर कहा था कि वह उसके लिए फांसी की सजा नहीं चाहती हैं। जयसिंह ने उनसे कहा कि वह उनके साथ हैं,लेकिन फांसी की सजा के खिलाफ हैं। जिसके बाद आशा देवी ने इस बारे में कहा था कि इंदिरा जयसिंह कौन होती हैं उन्हें यह सुझाव देने वालीं पूरा देश चाहता है कि दोषियों को फांसी की सजा मिले। उनके जैसे लोगों की वजह से रेप पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल पाता है।
उन्होंने आगे कहा, मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि
इंदिरा जयसिंह ने ऐसा कहने की हिम्मत कैसे की। मैं उनसे सुप्रीम कोर्ट में कई बार
मिली हूं। उन्होंने एक बार भी मुझसे मेरा हालचाल नहीं पूछा और आज वो दोषियों के
पक्ष में बोल रही हैं। इस तरह के लोग रेपिस्ट को सपोर्ट करके अपना गुजारा करते
हैं। यही वजह है कि रेप के मामले नहीं रुक रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह
द्वारा दोषियों को लेकर दिए गए बयान पर निर्भया की मां आशा देवी ने एक बार फिर
हमला किया है। उनका कहना है कि ये (इंदिरा जयसिंह) मानव अधिकारों के नाम पर बिजनेस
चलाते हैं और सिर्फ और सिर्फ मुजरिमों को सपोर्ट करते हैं।
निर्भया की मां बोलीं, वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने जिस तरह से मुझसे सवाल किया। ये
मानव अधिकारों के नाम पर समाज को धोखा देना है। बच्चियों के साथ हो रहे अपराधों का
मजाक बनाना है। ये मानव अधिकारों के नाम पर बिजनेस चलाते हैं और सिर्फ और सिर्फ
मुजरिमों को सपोर्ट करते हैं। मैं कंगना रनौत के बयान से सहमत हूं। मैं उनका धन्यवाद
करती हूं। मैं किसी की तरह महान नहीं बनना
चाहती। मैं एक मां हूं और सात साल पहले मेरी बेटी की जान गई है और मैं इंसाफ चाहती
हूं।


