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- जम्मू-कश्मीर मसले पर भारत के खिलाफ जाने से चीन को मीली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पटकनी....
Posted by : achhiduniya
16 January 2020
चीन ने बीते बुधवार न्यूयॉर्क में बंद कमरे में हुई UNSC की बैठक में एक बार फिर कश्मीर का मामला उठाने की कोशिश की लेकिन उसकी यह कोशिश नाकाम हो गई। परिषद के अन्य सभी सदस्य देशों ने इसका विरोध किया। UNSC के सदस्य देशों ने कहा कि इस मुद्दे पर बहस के लिए यह सही जगह नहीं है। यह भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है। चीनी राजदूत झांग जुन ने कहा,हमने जम्मू-कश्मीर को लेकर बैठक की थी। मुझे पूरा यकीन है कि आप सब लोगों को पता होगा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सुरक्षा परिषद को चिट्ठी लिख कहा है कि उन्हें जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालातों पर गौर करना चाहिए। मुझे लगता है कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए सकारात्मक नतीजे आ सकते हैं।
बातचीत मददगार होगी और इससे सब हल हो
सकता है। UN
की बैठक में पाकिस्तान ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर
से अनुच्छेद-370 खत्म किए जाने के बाद वहां के हालात सामान्य नहीं हैं। स्थानीय
नेताओं को उनके घरों में कैद किया गया है। इंटरनेट समेत कई सेवाएं अभी भी बंद हैं।
भारत कई सार्वजनिक मंचों से घाटी के हालात सामान्य बता रहा है। पाकिस्तान को जवाब
देते हुए सैयद अकबरुद्दीन ने कहा,दुनिया आपके झूठ से तंग आ चुकी
है। सब आपका सच जानते हैं और अब हमारे खिलाफ झूठ फैलाना बंद करें। कोई भी आपकी बात
मानने को तैयार नहीं है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद
अकबरुद्दीन ने कहा,हमने एक बार फिर देखा कि पाकिस्तान ने ये मुद्दा
उठाने की कोशिश की, जिसे किसी का भी समर्थन नहीं मिला। हमें खुशी है
कि इस मामले में पाकिस्तान के किसी बेबुनियाद आरोप को UN ने चर्चा के लायक नहीं समझा। फ्रांस ने जम्मू-कश्मीर को भारत और
पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा बताते हुए इस पर चर्चा का विरोध किया। पिछले महीने
हुई बैठक में भी फ्रांस, अमेरिका, रूस और ब्रिटेन ने चीन द्वारा कश्मीर मुद्दे को उठाने के
मंसूबों पर पानी फेर दिया था। फ्रांस ने कहा था कि इस मामले में उनका रुख नहीं
बदला है। वह हर मौके पर यही कहते आए हैं कि यह दो देशों के बीच का मामला है।


