- Back to Home »
- Suggestion / Opinion »
- राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने खोला शिवसेना को समर्थन देने का राज....
Posted by : achhiduniya
23 January 2020
शिवसेना और भाजपा ने बीते वर्ष अक्टूबर में
विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था,लेकिन मुख्यमंत्री का पद ढाई
वर्ष बारी बारी से साझा करने के मुद्दे पर असहमति के चलते दोनों अलग हो गईं।
शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस एकसाथ आईं और काफी विचार विमर्श के बाद
राज्य में सरकार बनाई। राकांपा के अल्पसंख्यक इकाई की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम
में पवार ने इस बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राज्य में तीन चार
सप्ताहों से शिवसेना-भाजपा सरकार गठन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा था।
पवार ने कहा कि शिवसेना के साथ संभावित तालमेल के बारे में महाराष्ट्र के साथ ही
उत्तर प्रदेश,
बिहार और दिल्ली के लोगों से सलाह ली गई थी। पवार
ने कहा, हमें अल्पसंख्यकों की ओर से कहा गया कि यदि आप शिवसेना का साथ
लेना चाहते हैं तो आप ऐसा कर सकते हैं,लेकिन
भाजपा को दूर रखिए।
अल्पसंख्यकों ने उस कदम पर शिवसेना को साथ लेने का स्वागत
किया। पवार ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटनाक्रम ने देश को एक राह
दिखाई है। उन्होंने इस पहल के लिए समुदाय की प्रशंसा की। पवार ने दावा किया कि
अल्पसंख्यकों ने राज्य चुनाव में भाजपा के लिए वोट नहीं किया। उन्होंने कहा कि समुदाय
के सदस्य जब कोई निर्णय करते हैं तो यह किसी पार्टी की हार सुनिश्चित करने के लिए
होता है। उन्होंने कहा कि राकांपा ने इस पर जोर दिया था कि राज्य सरकार में
अल्पसंख्यक मामलों का विभाग कल्याणकारी कार्यों के लिए उनकी पार्टी को दिया जाना
चाहिए। राकांपा नेता ने कहा कि नवाब मलिक राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री
हैं।

