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बजट के पहले क्यों होती है हलवा सेरेमनी...? दस दिनों तक कैद हुए अधिकारी और कर्मचारी बजट के बाद ही मिलेगी आजादी...
Posted by : achhiduniya
20 January 2020
हलवा सेरेमनी के खत्म होते ही बजट तैयार करने से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक में वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में स्थित कार्यालय में चले जाते है,एक फरवरी को बजट पेश होने तक सभी संबंधित अधिकारी इस बेसमेंट में ही रहेते है। किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को बाहर जाने की इजाजत नहीं होती। लोकसभा में वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किए जाने तक ये कर्मचारी अपने परिवार से फोन पर भी संपर्क नहीं कर सकते। इस रस्म के बाद वित्त मंत्रालय के सिर्फ अति वरिष्ठ अधिकारियों को ही अपने घर जाने की अनुमति मिलती है।
इस प्रतीकात्मक सेरेमनी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बतौर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दूसरी बार बजट पेश करेंगी। आज इस सेरेमनी में दोनो वरिष्ठ मंत्रियों के अलावा वित्त मंत्रालय के सभी विभागों के सचिव, प्रत्यक्ष कर व अप्रत्यक्ष कर के प्रमुख भी शामिल रहे। बजट तैयारियों के लिए चयनित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के निजी मोबाइल फोन जमा कर दिए जाते हैं। दस दिनों तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने परिवार या रिश्तेदारों से बातचीत करने की अनुमति नहीं होती। सभी मुलाजिम सिर्फ सरकार की ओर से बनाए गए नीतियों और योजनाओं पर ही काम करते हैं। सोशल साइटों और ईमेल तक भी किसी की पहुंच नहीं होती।
मोबाइल और इंटरनेट बंद रखने के लिए पूरे मंत्रालय में सिग्नल जैमर भी लगाए जाते हैं। बजट तैयार करने की प्रक्रिया बेहद जटिल और तनाव भरा होता है। ऐसे में सरकार इसकी शुरुआत थोड़े हल्के-फुल्के माहौल के बीच करती है,ताकि कुछ तनावमुक्त समय सभी अधिकारी और कर्मचारी साथ बिताया जा सके। इस हलवा रस्म में एक बड़ी कढ़ाही में हलावा तैयार किया जाता है। इस हलवे को मंत्रालय के सभी कर्मचारियों के बीच वितरित किया जाता है। हलवा खाने के बाद सभी मुलाजिम बजट प्रक्रिया के काम मे लग जाते हैं। काम काफी तनाव भरा भी होता है क्योंकि इस दौरान चौबीसों घंटे इन कर्मचारियों को वित्त मंत्रालय के भीतर ही रहना होता है।


