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- क्या है लोहड़ी त्यौहार का महत्व क्या होती है फुल्ली....?
Posted by : achhiduniya
13 January 2020
पंजाब में लोहड़ी को नए साल की शुरुआत मानते हैं।
वैसे तो लोहड़ी को लेकर कई तरह की कथाऐं और मान्यताऐं हैं। मकर संक्रांति के एक दिन पहले पड़ने वाला त्योहार लोहड़ी पंजाबियों का मुख्य त्योहार है जिसे पंजाबी और सिख मिलकर बड़े
ही धूमधाम से मनाते हैं। सर्दियों की मुख्य फसल गेहूं है जो अक्टूबर मे बोई जाती
है जब कि मार्च के अंत में और अप्रैल की शुरुआत में काटी
जाती है। फसल काटने और इकट्ठा करके घर लाने से पहले किसान लोहड़ी का त्योहार मनाते
हैं।
लोहड़ी को मनाते समय किसान सूर्य देवता को धन्यवाद देते हैं और आग में फुल्ले
डालते हुए कहते हैं। “आधार आए दिलाथेर जाए” जिसका
मतलब होता है कि घर में सम्मान आए और गरीबी भाग जाए। सुबह बच्चे घर-घर जाकर लोहड़ी
मांगते हैं.जिसमें लोग उन्हें पैसा और खाने-पीने की चीजें देते हैं। ऐसा माना जाता
है कि किसान खेत में आग जलाकर अग्नि देवता से अपनी जमीन को आशीर्वाद देकर उसकी
उत्पादन क्षमता बढ़ाने की प्रार्थना करते हैं। पूजा के बाद सभी को प्रसाद दिया
जाता है।
रात के समय जब लोहड़ी जलाई जाती है तब सिख समुदाय के लोग अग्नि की
परिक्रमा करते हैं और तिल, रेवड़ी और मक्के की आहुती देते
हैं। इसे फुल्ली कहते हैं। वहीं लोहड़ी में फुल्ली भेंट करने के बाद इन्हीं सब चीजों
का प्रसाद भी बांटा जाता है। जिसे सभी लोग खाते हैं और एक-दूसरे को लोहड़ी की
शुभकामनाएं देते हैं। घर लौटते समय लोहड़ी में से दो चार दहकते कोयले, प्रसाद के रूप में घर पर लाने की प्रथा भी है।


