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क्राइम ब्रांच ने JNU हिंसा में शामिल लोगों कि पहचान की उजागर...हिंसा करने के लिए बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप..दिल्ली पुलिस
Posted by : achhiduniya
10 January 2020
दिल्ली पुलिस कि क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को क्राइम ब्रांच के डीसीपी जॉय टिर्की ने बताया कि जेएनयू हिंसा मामले की जांच को लेकर कई तरह
की गलत जानकारी फैलाई जा रही है। एक जनवरी से लेकर 5 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन होना
था।
हालांकि SFI,
AISA, AISF और DSF छात्र
संगठनों ने छात्रों को रजिस्ट्रेशन करने से रोका। रजिस्ट्रेशन करने वाले छात्रों
को धमकाया जा रहा था। इसके बाद विवाद लगातार बढ़ता गया और पांच जनवरी को पेरियार व
साबरमती हॉस्टल के कुछ कमरों में हमला किया गया। डीसीपी जॉय टिर्की ने कहा कि
जेएनयू में हिंसा करने के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाए गए।
नकाबपोश जानते थे कि
उनको किस-किस कमरे में जाना है। हिंसा के सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले हैं।
हालांकि
हमने वायरल वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान की है। इसको लेकर हमने 30-32 गवाहों
से भी बातचीत की है। मीडिया से बात करते हुए हिंसा में शामिल लोगों कि
पहचान को उजागर किया है, इस मामले में JNU छात्रा संघ की अध्यक्ष आइशी घोष की भी पहचान को उजागर किया है।
आइशी घोष के अलावा पुलिस ने अन्य 8 लोगों के पहचान को उजगार किया।
पुलिस ने हिंसा
में शामिल जिन लोगों की पहचान की है उनके नाम चुनचुन कुमार, पंकज मिश्रा, योगेंद्र भारद्वाज, प्रिया रंजन, विकास पटेल, डोलन, आइशी घोष समेत के नाम हैं।
रविवार
रात जेएनयू में हुई हिंसा मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। हालांकि अभी तक
पुलिस जेएनयू कैंपस में लाठी-डंडे चलाने वालों और सर्वर रूम में तोड़फोड़ करने
वालों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। ऐसे में दिल्ली पुलिस को लेकर कई तरह के सवाल
उठ रहे हैं। जेएनयू हिंसा मामले की जांच के लिए जॉइंट कमिश्नर शालिनी सिंह की
अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया। यह टीम मामले की जांच कर रही है।



