- Back to Home »
- Property / Investment »
- ई-सुनवाई के द्वारा चेक बाउंस वाले केस सुनवाई की व्यवस्था पर सरकार कर रही तैयारी,मिलेगा कोर्ट के चक्करो से छुटकारा.. NIC
ई-सुनवाई के द्वारा चेक बाउंस वाले केस सुनवाई की व्यवस्था पर सरकार कर रही तैयारी,मिलेगा कोर्ट के चक्करो से छुटकारा.. NIC
Posted by : achhiduniya
22 January 2020
सरकार चेक बाउंस के मामलों के लिए एक एप्लीकेशन पर काम कर रही है जिससे चेक बाउंस होने पर अधिकांश निपटारा ऑनलाइन हो जाएगा और आप कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने से बच जाएंगे। दस्तखत बेमेल हो गया तो चेक बाउंस हो गया, अकाउंट में चेक में भरी रकम से कम पैसे हैं तो भी चेक बाउंस हो गया न जाने ऐसी कितनी बारीकियां है जिनकी वजह से चेक बाउंस हो जाता है। चेक बाउंस होने पर कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। कानून के हाथ आपके गिरेबान तक पहुंच जाते हैं। बैंक मेमो भेजता है और जिसने चेक लिया था वो कानूनी नोटिस भेज देता है। फिर कोर्ट-कचहरी का चक्कर और बात ज्यादा बिगड़ी तो हवालात की सैर लेकिन सरकार ने इन सारी परेशानियों का हल तलाश लिया है।
नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर [NIC] की डायरेक्टर जनरल डॉ नीता वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया,ऑनलाइन सिस्टम लाने जा रहे हैं जिसमें कोई स्वीकारता है कि गलती
हो गई तो उसे कोर्ट नहीं जाना वहीं पेमेंट कर दे और काम हो जाएगा। इस संबंध में
एसपी सिंह,
DDG, NIC का कहना है,चेक
बाउंस के बहुत से केसेज पेंडिंग हैं। आसान तकनीक के जरिये पता कर लिया जाएगा।
स्कैन करके मैच कर सकते हैं कि किसके नाम था। बार-बार चेक बाउंस होने पर सबसे बड़ा
डर जेल जाने का होता है। चेक बाउंस होना एक अपराध है।
आपराधिक केस चल सकता है और जुर्माने के साथ दो
साल की जेल भी हो सकती है। कुछ मामलों में बैंक अकाउंट सील हो सकता है। अब चेक बाउंस होने पर कोर्ट
नहीं जाना होगा। मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये उन अधिकांश मुकदमों का निपटारा कोर्ट
के बाहर ही हो जाएगा जिन मामलों में अदालत जाने की ज़रूरत पड़ती है। केस में आने
वाले समय में ई-सुनवाई की व्यवस्था की जाएगी।


