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शाहीन बाग में सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त मध्यस्थ बातचीत करने के लिए पहुंचने वाले वार्ताकारो से प्रदर्शनकारियों ने मीडिया के सामने ही वार्ता करने पर अड़े..जाने क्या हुआ आगे....?
Posted by : achhiduniya
19 February 2020
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के शाहीन बाग में 15 दिसंबर
2019 से संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ महिलाओं
और बच्चों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। बीते दिनो शाहीन बाग़ में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में जारी आंदोलन
के ख़िलाफ़ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। मामले पर सुनवाई करते हुए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हम धरने पर कुछ नहीं कह रहे हैं,लेकिन सवाल ये है कि यह धरना कहां हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने
कहा था कि हमारी चिंता इस बात पर है कि यह प्रदर्शन सड़क पर किया जा रहा है, इस केस या फिर किसी भी केस में सड़क को ब्लॉक नहीं किया जा सकता
है।
सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को
प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए वार्ताकार नियुक्त किया था। प्रदर्शनकारियों से
बातचीत करके मध्यस्थ शाहीन बागे में रास्ता खुलवाने की कोशिश करेंगे। संजय हेगड़े
ने शाहीन बाग में कहा,हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के
मुताबिक यहां आए हैं। हम सभी से बातचीत करने की उम्मीद करते हैं। हम सभी के सहयोग
से इस मामले के समाधान की उम्मीद करते हैं। प्रदर्शनकारियों से बात करते हुए संजय
हेगड़े ने कहा कि हम आपकी बात सुनने आये हैं, आपके
लिए बहुत जरूरी है ये सुनना कि सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले पर क्या कहा है। जिसके
बाद संजय हेगड़े ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को
पढ़कर प्रदर्शनकारियों को सुनाया। एक
अन्य वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने
आपके आंदोलन करने के हक़ का समर्थन किया है,लेकिन
हम सबकी तरह और भी नागरिक है उनका हक नहीं छीना जा सकता है। साधना रामचंद्रन ने
कहा कि हमे इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने भेजा है कि हम मिलकर हल निकाले हम मिलकर आप
सबकी बात सुनना चाहते है। हम ऐसा हल निकालगे कि वो दुनिया के लिए मिसाल बनेगा हम
बगैर मीडिया के आपसे बात करना चाहते है,लेकिन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जो भी बात करनी है वो मीडिया के सामने होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों
के मीडिया के सामने ही वार्ता
करने की बात पर साधना रामचंद्रन ने कहा कि अगर आप
मीडिया के सामने बात करना चाहते हैं तो हम कुछ कहेंगे ही नहीं। हम सिर्फ़ आपको
सुनेंगे हमारे पास रविवार तक का वक़्त है। साधना रामचंद्रन ने कहा कि हमे इस तरह
से हल निकालना है कि रोड खुल जाए। उनकी बात पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने एतराज जताया
और दादी ने कहा कि रोड तब तक नहीं खोलेंगे जब तक CAA वापस नहीं लिया जाएगा।



