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- क्या उद्धव ठाकरे सरकार की कमान शरद पवार के हाथ,क्यू बदला फैसला....?
Posted by : achhiduniya
18 February 2020
महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के दलों में बड़े
मुद्दों पर मतभेद से गठबंधन सरकार में खींचतान तेज होती जा रही है,ऐसे ही
चलता रहा तो महाराष्ट्र में उद्धव सरकार ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएगी। महाराष्ट्र
की गठबंधन सरकार द्वारा भीमा
कोरेगांव केस केंद्रीय एजेंसी NIA को जांच सौंपे जाने से नाराज
शरद पवार को मनाने की कोशिश के तहत अब उद्धव ठाकरे ने सफाई दी है कि भीमा कोरेगांव
हिंसा केस की जांच NIA को नहीं दी जाएगी। महाराष्ट्र
के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि यलगार परिषद और भीमा कोरेगांव दोनों
अलग-अलग विषय है। दलित भाइयों से संबंधित जो मामला वह भीमा कोरेगांव केस है।
भीमा
कोरेगांव से संबंधित जांच अभी तक केंद्र को नहीं दी गई है और इसे केंद्र को सौंपा
भी नहीं जाएगा। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस की
जांच की जानी चाहिए और उसी की मांग करते हुए हम SIT के तहत जांच करने की बात कर रहे हैं और मामले की जांच में जो
सबूत दिए गए उसमें क्या सत्य है? नागरिकता कानून और राष्ट्रीय
जनसंख्या रजिस्टर पर भी शिवसेना और एनसीपी का रुख अलग-अलग है। पवार अब ये कह रहे
हैं वो सीएम को समझाएंगे। शरद पवार का कहना है कि CAA पर उद्धव ठाकरे के अपने विचार हैं, जहां तक एनसीपी का सवाल है, हमने
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ वोट किया था।

