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- अपनी पार्टी के निलंबित सांसदों की जेबकतरा से तुलना क्यू की कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने...?
Posted by : achhiduniya
06 March 2020
कांग्रेस पार्टी
के सांसदो ने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा चेतावनी देने के बाद भी संसद की मर्यादाओ का उल्लंघन करते हुए लोकसभा
अध्यक्ष पर कागज फेंके जिस पर कार्यवाही करते हुए अध्यक्ष ने कांग्रेस के 7 सांसदो को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर
दिया। लोकसभा से कांग्रेस के 7 सांसदों के निलंबन को
वापस लिए जाने की मांग करते हुए सदन में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को कहा, जेबकटुवा को फांसी के तख्ते पर नहीं चढ़ाया जा सकता।' चौधरी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के सदस्य आसन को पॉप ऑफ द
वेटिकन की तरह सम्मान देते हैं और उन्होंने कभी आसन का
अनादर नहीं किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी के 7 सदस्यों को एक साथ बाकी
सत्र के लिए निलंबित किए जाने का कोई
आधार नजर नहीं आता।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान अन्य विपक्षी सदस्य भी थे,लेकिन कारण पता नहीं है कि किस आधार पर कांग्रेस के सातों सदस्यों को निलंबित कर
दिया गया। यह छोटी बात नहीं है। चौधरी ने कहा, जेबकटुवा
को फांसी के तख्त पर नहीं चढ़ाया जा सकता।' इस पर
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने चौधरी के बयान के संदर्भ में कहा, निलंबित सदस्यों की तुलना जेब कतरों से करना उचित नहीं लगता। यह
बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इससे सहमत नहीं हैं। कांग्रेस सदस्यों के निलंबन को उचित ठहराते हुए जोशी ने कहा कि
जब BJP विपक्ष में थी तो तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी
हमेशा सदस्यों को आसन का अनादर
करने वाली किसी भी बात से रोकते थे। जोशी ने कहा कि
यूपीए सरकार के समय बीजेपी के 45 सदस्यों को चालू सत्र की पूरी शेष अवधि के लिए
निलंबित किया गया था। 2007 से 2010 के बीच कांग्रेस ने हंगामे के बीच 18 विधेयक
पारित कराए थे। कांग्रेस के 7 लोकसभा सदस्यों को बृहस्पतिवार को आसन से कुछ कागज
छीनने और फाड़कर उछालने के मामले में सदन का अपमान करने और घोर कदाचार' के लिए मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया
गया।


