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- योगी सरकार को आरोपियों के पोस्टर-बैनर्स को तत्काल हटाने के निर्देश दिए....इलाहाबाद हाईकोर्ट ने
Posted by : achhiduniya
09 March 2020
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में लखनऊ में 19
दिसम्बर को ठाकुरगंज और कैसरबाग क्षेत्र में हुई हिंसा के आरोपियों के खिलाफ एडीएम
सिटी पश्चिम की कोर्ट से वसूली आदेश जारी हुआ है। मामले में जिलाधिकारी लखनऊ
अभिषेक प्रकाश ने कहा कि हिंसा फैलाने वाले सभी जिम्मेदार लोगों के लखनऊ में
पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा सभी की संपत्ति कुर्क करने की बात भी
कही थी। सभी चौराहों पर ये पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे
उनके चेहरे बेनकाब हो सकें। लखनऊ में हिंसा के आरोपियों से वसूली के पोस्टर लगाए
जाने के कदम पर कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 8 मार्च
को मामले की सुनवाई की थी। रविवार होने के बावजूद चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और
जस्टिस राकेश सिन्हा की स्पेशल बेंच ने मामले की सुनवाई की थी।
सरकार की ओर कोर्ट
में पेश हुए महाधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह ने दलील दी कि सरकार ने ऐसा इसलिए
किया, ताकि आगे इस तरह से सार्वजानिक संपत्तियों को नुकसान न पहुंचाया
जाए। हालांकि, पीठ सरकार की दलीलों से संतुष्ट नहीं दिखी। कोर्ट का कहना था कि
बिना दोषी करार दिए इस तरह से पोस्टर लगाना निजता का हनन है। कोर्ट ने लखनऊ के डीएम
और पुलिस कमिश्नर को इन पोस्टर-बैनर्स को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ
ही इस मामले में 16 मार्च तक अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अब इस
मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।

