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- फेक न्यूज़ या अफ़वाह को इस तकनीक से जानना है बिलकुल आसान....?
Posted by : achhiduniya
09 March 2020
दिल्ली की हिंसा और कोरोना वायरस के प्रकोप से
संबंधित कई तरह के भ्रांतिपूर्ण और तनावपूर्ण संदेशों के भेजे जाने की खबरें आई
हैं न केवल ऐसे मैसेजों के ज़रिये अफ़वाहें फैलाने को लेकर आप सतर्क रहें बल्कि
वॉट्सएप समूहों में फैक्ट चेकिंग के प्रति जागरूकता फैलाएं और सही जानकारियां साझा
कर सामाजिक दायित्व निभाएं। कोई मैसेज फेक न्यूज़ तो नहीं है, इसे जानने के लिए कुछ उपयोगी जानकारीहोती है। जब आप कोई संवेदनशील मैसेज, तस्वीर या वीडियो पाएं तो उसे इंटरनेट पर सर्च इंजन की मदद से
क्रॉस चेक करें। गूगल या किसी और सर्च पर उसके डिटेल्स डालें और एक से ज़्यादा
स्रोतों से उसकी सच्चाई का पता लगाएं।
इसके अलावा टीवी या उस क्षेत्र के किसी
अधिकारी या जानकार से पता करें। ऐसा कोई मैसेज अपने इनबॉक्स में देखें तो पहले
यही चेक करें कि उस मैसेज के ऊपर एक ऐरो के साथ 'फॉरवर्डेड' लिखा है या नहीं ज़रूरी नहीं कि हर फॉरवर्डेड मैसेज फेक न्यूज़
हो लेकिन फॉरवर्डेड मैसेज के स्रोत का पता लगाना चाहिए। इसके लिए आप फैक्ट चेकिंग
सेवाओं की मदद ले सकते हैं। उस मैसेज से जुड़े किसी सरकारी विभाग या आधिकारिक
वेबसाइट पर जाकर भी सत्यता जांच सकते हैं। इंटरनेट पर कई वेबसाइट्स फैक्ट चेंकिंग
का काम निशुल्क और सशुल्क करती हैं। कुछ
समाचार वेबसाइट्स भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं।
आप किसी संदेश की सत्यता जानने के लिए उन्हें ईमेल
या उनके वॉट्सएप नंबर पर रिक्वेस्ट भेज सकते हैं और कुछ ही देर में फैक्ट चेकिंग
टीम आपको बता देगी कि संबंधित मैसेज में कितनी सच्चाई है और कितनी नहीं। ऐसी
वेबसाइट्स के संपर्क ईमेल एड्रेस या मोबाइल नंबर आप हमेशा अपनी कॉंटैक्ट लिस्ट में
रख सकते हैं।


