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- किसानों ने कृषि कानून पर बातचीत के दौरान मंत्रियो के आगे रही यह मांगें...
Posted by : achhiduniya
14 November 2020
कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा मध्यस्था में आए केंद्रीय
मंत्री पीयूष गोयल और नरेंद्र तोमर से पंजाब के
किसानों ने मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान किसानों ने कृषि कानून वापस लिए जाने
के अलावा अन्य
मांगें भी रखी हैं। इन मांगों में पराली जलाने की समस्या से लेकर राज्य में रेल
सेवा दोबारा शुरू करने तक की बात कही गई है। इन मांगों में सबसे ज्यादा पराली
जलाने से जुड़ी मांग रही। किसानों ने मांग की है कि पराली जलाने पर होने वाली सजा
और जुर्माने के प्रावधान को वापस लिया जाए। इतना ही नहीं इस मामले में जितने भी
लोगों को सजा हुई है, उन्हें रिहा किया जाए। गौरतलब
है कि सजा के तौर पर 5 साल की जेल और 1 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मामले बढ़ने के कारण राजधानी
दिल्ली में हवा की क्वालिटी खराब हो रही है। पराली के अलावा किसानों ने बिजली बिल
को भी वापस लिए जाने की मांग की है। इस बिल के तहत सेक्टर का निजीकरण बढ़ रहा था
और किसानों को मुफ्त सप्लाई बंद की जा रही थी। इन मांगों में मुख्य कृषि कानून का वापस लिया जाना ही रहा। पंजाब
किसान यूनियन के नेता सुखदर्शन सिंह ने कहा, 'हमने
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल के सामने तीन मांगें रखी
हैं। इन मांगों में तीन कृषि कानूनों को खत्म किए जाने के लिए कहा है। इन कानूनों
के जरिए कॉर्पोरेट पकड़ ज्यादा मजबूत हो जाती। किसानों का कहना है कि अगर केंद्र
उनकी मांगों को नहीं मानता है, तो उनका विरोध प्रदर्शन जारी
रहेगा। आगे की रणनीतियां बनाने के लिए यूनियन लीडर्स आगामी 18 नवंबर को चंडीगढ़ में मुलाकात करेंगे। नेताओं ने बताया कि 26 नवंबर को दिल्ली में होने वाली हड़ताल का कार्यक्रम तय है।


