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- स्कूलो पर सस्पेंस इस दिन से खुल रहे महाराष्ट्र के धार्मिक स्थल...ये होंगे नियमों और कानून
Posted by : achhiduniya
14 November 2020
महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने राज्य में सोमवार से सभी धार्मिक स्थल पुन: खोलें
जाने पर एक नियमावली तैयार की है। इस दौरान सभी नियमों और कानून का सख्ती से पालन करना होगा।
मास्क लगाना अनिवार्य होगा। सीएम ठाकरे ने कहा कि होली से हमने शुरुआत की, अब देखते-देखते दिवाली आ गई। दिवाली के प्रकाश की तरह हमारे जीवन में भी
अच्छी चीजें हों। उन्होंने कहा कि होली से ही हमने सारे त्योहारों को सावधानी के
साथ मनाया। पिछले 9 महीनों में आपने बहुत सहकार्य किया। इसलिए मैं और आप अब थोड़े
से तनाव मुक्त हैं,लेकिन कोविड का दूसरा वेव ना आए, उसके लिए तैयारी की जा रही है, हमें
संभल कर रहने की जरूरत है। पूर्व में तमाम राजनीतिक विरोध के बावजूद धर्मस्थलों को
ना खोलने वाली उद्धव सरकार ने अब सभी धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दे दी है।
इसके अलावा सरकार ने यह भी कहा है कि वह राज्य में स्कूलों को खोलने पर विचार कर
रही है। उद्धव ने कहा, हम सभी एहतियाती कदम उठाते हुए
दिवाली बाद स्कूल फिर से खोलने पर विचार कर रहे हैं। धार्मिक स्थलों को भी खोलने
की मंजूरी दी जाएगी। सोमवार से सभी धर्मस्थल खोले जा रहे हैं। प्रदूषण और कोरोना के रिश्ते पर बोलते हुए उद्धव ने कहा, प्रदूषण से कोरोना का असर बढ़ सकता हे। मैं लोगों से अपील करता
हूं कि वे पटाखे और अतिशबाजी चलाने की जगह मिट्टी के दीये जलाएं। दिवाली के बाद 15
दिन अहम होंगे, हमें सावधान रहना होगा ताकि फिर से लॉकडाउन लगाने
की नौबत न आए। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे के दौरान 4,132 लोग कोरोना पॉज़िटिव मिले। 4543 लोग ठीक हुए और 127 मरीजों
की मौत हो गई। अब तक 17 लाख 40 हजार 461 लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 84 हजार 82 मरीजों का इलाज चल रहा है,जबकि 16 लाख 9 हजार 607 लोग ठीक हो चुके हैं। मरने वालों की
संख्या अब 45 हजार 809 हो गई है। कोरोना को लेकर पूरी सावधानी बरतने पर जोर देते
हुए उद्धव ने कहा, भीड़ में बिना मास्क के घूमने वाला कोविड-19 का
मरीज करीब 400 लोगों को संक्रमित कर सकता है। इससे पहले एक वेबिनार बैठक में मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा था कि
वैश्विक स्थिति को देखते हुए कोरोना की एक और लहर की आशंका से इनकार नहीं किया जा
सकता है। दिवाली के बाद अगले कुछ दिन तक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। जिन
स्कूलों में आइसोलेशन केंद्र स्थापित किए गए थे, उन्हें
बंद नहीं किया जा सकता है। स्थानीय प्रशासन को यह तय करना चाहिए कि क्या ऐसी जगहों
के स्कूलों को वैकल्पिक स्थानों पर शुरू किया जा सकता है। स्कूलों की स्वच्छता, शिक्षकों के कोरोना निरीक्षण जैसे सभी बातों का ध्यान रखना
आवश्यक है। जारी गाइडलाइन के अनुसार:- मंदिर में केवल उन्हें ही प्रवेश मिल सकेगा
जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं होंगे। धार्मिक स्थलों के परिसर में प्रवेश से पहले
हाथ और पैर साबुन से धोना अनिवार्य होगा। प्रवेश द्वार पर ही तापमान चेक किया
जाएगा। घंटी बजाने व मूर्ति छूने की मनाही होगी। मास्क के बिना प्रवेश वर्जित होगा।
मंदिर में लाइन लगाने के लिए सोश्ल डिस्टेन्सिंग का ख्याल रखना होगा। हाथों से
प्रसाद या जल देने पर रोक। गर्भवती महिला व 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग को मनाही होगी।




