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- शराबबंदी कानून वापस ले..शराब निर्माता कंपनियों {CIABC} ने की सीएम नीतीश सरकार से मांग..दिया यह तर्क
Posted by : achhiduniya
17 December 2020
देश में शराब निर्माता कंपनियों के संगठन कंफेडरेशन
ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेजेज कंपनीज यानी CIABC ने
बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शराबबंदी कानून को वापस लेने के पीछे लंबी-चौड़ी
दलील दी है। संगठन के डायरेक्टर विनोद गिरी ने इस पत्र में कहा है कि शराबबंदी के
बाद से बिहार की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। शराब की तस्करी बढ़ गई है, जिससे माफिया सशक्त हो रहे हैं। वहीं शराबबंदी की वजह से रोजगार
के साधनों पर भी असर पड़ा है। संगठन ने मुख्यमंत्री को इस कानून को वापस लेने की
मांग के संदर्भ में पत्र लिखकर कहा है कि शराब की तस्करी बढ़ जाने से लोग अवैध
शराब खरीद रहे हैं, जिसके लिए उन्हें मनमानी कीमत चुकानी पड़ रही
है। संगठन ने कहा है कि शराबबंदी कानून की
वजह से सरकार को 7000 से लेकर 8000 करोड़ रुपए सालाना के राजस्व का नुकसान हो रहा
है। शराबबंदी कानून को लेकर CIABC द्वारा
लिखा गया यह पत्र मुख्यमंत्री के साथ-साथ दोनों डिप्टी सीएम, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और मंत्री मुकेश सहनी को भी भेजा गया है। CIABC के डायरेक्टर विनोद गिरी ने अपने पत्र में कहा है
कि राज्य सरकार को इस कानून की समीक्षा करने की जरूरत है। संगठन ने राज्य सरकार को
सलाह दी है कि वह शराबबंदी को धीरे-धीरे समाप्त करने और इसके नियंत्रित व्यापार की
इजाजत देने के बारे में विचार करे। शराबबंदी कानून को लेकर पहले जहां सियासी दलों
और नेताओं की आवाजें आ रही हैं। शराबबंदी कानून को लेकर पहले कांग्रेस नेता ने
मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी। वहीं आज पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी
ट्वीट कर इस कानून के तहत जेल में बंद लोगों को छोड़ने की मांग उठाई। इधर, CIABC ने सीएम नीतीश से नियंत्रित तरीके से शराब बिक्री की व्यवस्था
को लागू करने की मांग उठाई है।



