- Back to Home »
- Crime / Sex »
- राशन माफिया खा गए 80 लाख का गरीबों का गेहूं-चावल....
Posted by : achhiduniya
20 January 2021
मध्य प्रदेश इंदौर के जिलाधिकारी
मनीष सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में घोटाले के खुलासे का ब्यौरा देते हुए बताया कि, राज्य
में अत्यंत गरीब वर्ग के लोगों के लिए अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रतिमाह 35
किलो राशन दिए जाने का प्रावधान है और यदि परिवार में सात से ज्यादा सदस्य तो
प्रति व्यक्ति पांच किलो राशन के मान से दिया जाता है, इसमें
गेहूं या चावल मोटा, अनाज
एक रुपए किलो की दर से साथ ही एक किलो नमक एक रुपए की दर से प्रति परिवार एक किलो
शक्कर 20 रुपए
किलो की दर से और केरोसीन प्रति परिवार शासन द्वारा निर्धारित मात्रा और दर पर
दिया जाता है। उन्होंने आगे बताया कि, कोरोना के कारण अप्रैल में इंदौर जिले के
लगभग 42
हजार परिवारों के लिए केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजन के अंतर्गत
प्रति सदस्य पांच किलो गेहूं-चावल का आवंटन प्राप्त हुआ था, इस
योजना के तहत प्रति सदस्य पांच किलो
थीं। इस संबंध में 12 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को चिन्हित
किया गया तथा इनकी जांच हेतु अनुविभागीय दंडाधिकारियों के नेतृत्व में दल भी गठित
किए गए, इनके
द्वारा 12
जनवरी को शासकीय उचित मूल्य दुकानों के मौका मुआयना किया गया। उनके रिकॉर्ड और
पीएसओ मशीन ली गईं। साथ ही दुकानों पर उपलब्ध सामग्री का सत्यापन किया गया, इस
जांच में तमाम गड़बड़ियां पाई गईं। उन्होंने यह बताया कि, भौतिक
सत्यापन में एक बात साफ हुई कि एक लाख 85 हजार 625 किलो गेहूं और 69 हजार
855
किलो चावल कुल मिलाकर के दो लाख 55 हजार 480
किलो खाद्यान्न
जिसका मूल्य लगभग 80 लाख था, उसका गबन किया गया, जो
गंभीर अपराध की श्रेणी में आता था। कुल मिलाकर के यह राशन 51
हजार से ज्यादा हितग्राहियों के हिस्से का था, जिससे उन्हें वंचित रहना पड़ा। मिट्टी का तेल, नमक, शक्कर, चना, साबुत
दाल, तुवर
दाल इत्यादि का भी गबन किया गया। इस गड़बड़ी के कारण कोरोना जैसी विपत्ति के समय
में 51
हजार परिवारों को अनाज जैसी प्राथमिक आवश्यकता से वंचित किया गया, जो
ना केवल कानूनन बल्कि नैतिक रूप से भी अपराध है। यह घोटाला कोरोना काल में हुआ है, इस
विपत्ति काल में भी राशन माफिया गरीबों के हक में डाका डालने से नहीं चूके। इस
मामले में खाद्य अधिकारी सहित 31 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वहीं
सरगना पुलिस भरत दवे गिरफ्त में है और तीन लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून
की कार्रवाई की गई है।




