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- नाक से देने के लिए नसल वैक्सीन की तैयारी में सरकार....
Posted by : achhiduniya
08 January 2021
भारत सरकार दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन को
मंजूरी दे चुकी है। वहीं शुक्रवार से 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में
वैक्सीन का ड्राई रन भी शुरू हो जाएगा। ये दोनों वैक्सीन इंजेक्शन के जरिए दी
जाएंगी। देश में दो वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद भारत बायोटेक जल्द ही नसल वैक्सीन का ट्रायल शुरू करने
जा रहा है। नागपुर में इस वैक्सीन के पहले और दूसरे फेज का ट्रायल किए जाने की बात
सामने आई है। यदि ये ट्रायल सफल हुए तो कोरोना के खिलाफ जंग में एक और बड़ कामयाबी
मिल जाएगी। यही नहीं इससे वैक्सीनेशन का काम आसान और सस्ता हो जाएगा। भारत बायोटेक जल्द
ही ट्रायल को लेकर DCGI के सामने प्रपोजल रखेगा। मीडिया
रिपोर्ट्स की मानें तो नागपुर में इस वैक्सीन के पहले और दूसरे फेज का ट्रायल शुरू
किया जाएगा। इसके अलावा भुवनेश्वर-पुणे-नागपुर-हैदराबाद में भी इस वैक्सीन का
ट्रायल होगा। जहां पर 18 से 65 साल के करीब 40-45 वॉलेंटियर्स का चयन किया
जाएगा। भारत बायोटेक जल्द ही इस ट्रायल को लेकर DCGI के सामने प्रपोजल रखेगा। गौरतलब है कि भारत बायोटेक अभी भी दो
इंट्रा-नेसल वैक्सीन पर काम कर रहा है। दोनों ही वैक्सीन अमेरिका की हैं। भारत
बायोटेक के डॉ. कृष्णा इल्ला ने बताया कि उनकी कंपनी ने वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के
साथ करार किया है। इस नसल वैक्सीन में दो की बजाय सिर्फ एक ही डोज देने की जरूरत होगी।
रिसर्च में पाया गया है कि ये काफी बेहतरीन ऑप्शन है। डॉ. चंद्रशेखर के अनुसार
अगले दो हफ्तों में नसल को- वैक्सीन का
ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए हमारे पास जरूरी सबूत हैं कि नाक से दी जाने
वाली वैक्सीन इंजेक्शन वाली वैक्सीन से बेहतर है। भारत बायोटेक जल्द ही इस ट्रायल
को लेकर DCGI
के सामने प्रपोजल रखेगा। सामान्य वैक्सीन व्यक्ति
के हाथ पर लगाई जाती है, लेकिन नसल वैक्सीन को नाक के जरिए ही
दिया जाएगा। चूंकि नाक से ही सबसे अधिक वायरस फैलने का खतरा रहता है, ऐसे में इस वैक्सीन के कारगर होने की अधिक संभावना है। वाशिंगटन
स्कूल ऑफ मेडिसन की रिसर्च के अनुसार अगर नाक के द्वारा वैक्सीन दी जाती है तो
शरीर में इम्युन रिस्पॉन्स काफी बेहतर तरीके से तैयार होता है। ये नाक में किसी
तरह के इंफेक्शन को आने से रोकता है, ताकि
आगे शरीर में न फैल पाए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सामान्य वैक्सीन से इंसान का
सिर्फ निचला लंग ही सेफ हो पाता है,लेकिन
अगर नाक के जरिए वैक्सीन दी जाती है तो उससे ऊपरी और निचला लंग दोनों सेफ होने की
संभावना है। नसल वैक्सीन
मौजूदा वैक्सीन के मुकाबले कम खतरनाक और आसानी से दी जाने वाली वैक्सीन है। जो
किसी भी इंसान के शरीर में तेजी से असर करती है। भारत से पहले यूनाइटेड किंगडम में
नसल वैक्सीन
का ट्रायल किया जा रहा है। UK में कुल दो नसल कोरोना वैक्सीन के फेज़ 1 का ट्रायल किया जा रहा है।




