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- कृषि कानूनों को वापस न लेने पर अड़ी सरकार का किसानो से आठवें दौर की वार्ता का क्या होगा परिमाण....?
Posted by : achhiduniya
08 January 2021
सरकार के साथ किसान नेताओं की आठवें दौर की वार्ता से एक दिन पहले आंदोलनरत किसानों ने गुरुवार को ट्रैक्टर मार्च निकालकर शक्ति-प्रदर्शन किया। इस शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ किसान संगठनों के नेताओं ने सरकार को यह चेतावनी भी दी है कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर वे आंदोलन को और तेज करेंगे। ऐसे में शुक्रवार को सरकार के साथ होने वाली वार्ता के नतीजे तक पहुंचने को लेकर
असमंजस बरकरार है। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर करीब डेढ़ महीने से डटे किसानों की सरकार के साथ आज 8वें दौर की बातचीत होगी। इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के अलावा किसी भी प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार है। वहीं किसानों की केंद्र सरकार से एक मुख्य मांग नए कृषि कानूनों को वापस लेने की है। बैठक के संभावित नतीजों के बारे में पूछे जाने पर तोमर ने कहा, मैं अभी कुछ नहीं कह सकता। असल में यह इस बात पर निर्भर करता है कि बैठक में चर्चा के लिए क्या मुद्दा उठता है। यह पूछे जानेपर कि
गतिरोध को समाप्त करने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों और सरकार के बीच मध्यस्थता कर
सकने वाले पंजाब के किसी अन्य धार्मिक नेता से क्या वह मिलेंगे? तोमर ने कहा, मैं उनसे मिलूंगा चाहे वे
किसान हों या नेता। पंजाब के किसान नेता और भारतीय
किसान यूनियन (लाखोवाल) के जनरल सेकेट्ररी हरिंदर सिंह ने कहा कि अगर सरकार तीन
कृषि कानूनों को वापस लेने को सहमत नहीं होगी तो सरकार के साथ वार्ता बमुश्किल से
घंटेभर भी चल पाएगी क्योंकि इस मसले पर वार्ता पूरी होने पर ही दूसरे मसलों पर बात
होगी। उन्होंने कहा, हमारी दो प्रमुख मांगें हैं
जिन पर हम सरकार से कल की वार्ता में हां या ना में जवाब चाहेंगे।


