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- भारत माता की जय के नारे से भी ममता बनर्जी को एलर्जी,ममता से लोगो को निर्ममता मिली....पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग जब दीदी से अपने अधिकारों के बारे में पूछते हैं तो वो नाराज हो जाती हैं। भारत माता के जय के नारे से भी वह नाराज हो जाती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत सहित पूरी दुनिया के दिशा दिखाने वाले महान संतों, वीरों की पावन धरा पश्चिम
बंगाल को मैं सर झुकाकर नमन करता हूं। बंगाल की इस महान धरती में सीएम ममता बनर्जी की सरकार ने पुलिस का राजनीतिकरण किया। पीएम ने ये भी कहा, इन लोगों ने राजनीति का भी अपराधीकरण कर दिया है। टीएमसी की सरकार केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं में रोड़ा अटका रही है। बंगाल में आयुष्मान योजना को रोका गया। ममता सरकार ऐसी कई योजनाओं के खिलाफ खड़ी है। ममता सरकार जब पहली बार सत्ता में आई तो साफ हो गया था कि बंगाल में कोई परिवर्तन नहीं होगा। यह भी स्पष्ट हो गया था कि राज्य में ब्याज के साथ लेफ्ट की वापसी हो गई है। लेफ्ट की वापसी का मतलब
भ्रष्टाचार, अपराध, हिंसा और लोकतंत्र पर हमला से है। पीएम मोदी ने कहा कि फुटबॉल की भाषा में कहें तो सत्ता में आने के बाद से टीएमसी ने एक के बाद एक फाउल किए हैं जिनमें कुशासन, हिंसा, भ्रष्टाचार और लोगों की आस्था पर हमले शामिल है। बंगाल की जनता सब देख रही है और बहुत जल्द ही लोग, टीएमसी को राम कार्ड दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल में हमारी लड़ाई टीएमसी से है, लेकिन इनके छूटे हुए दोस्तों से भी है। दिल्ली में लेफ्ट, कांग्रेस, टीएमसी एक कमरे में मिलते हैं और रणनीति बनाते हैं। बंगाल में लेफ्ट और तृणमूल एक दूसरे से लड़ने का दिखावा करते हैं। हमें इस धोखेबाजी का शिकार नहीं होना है। पीएम ने कहा,कुछ लोग किसानों के नाम पर अपने स्वार्थ की रोटियां सेक रहे हैं। चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी। बंगाल में बीजेपी की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट मीटिंग में बंगाल के किसानों को उनका अधिकार देंगें। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे ये भी कहा, सूबे में पहले कांग्रेस का भ्रष्टाचार और फिर लेफ्ट का भ्रष्टाचार और अत्याचार चरम पर था इसलिए 2011 में लेफ्ट की हिंसा और भ्रष्टाचारा का किला ढहने के कगार पर था तो लोगों ने भरोसा किया। बंगाल, ममता की आस के साथ जी रहा था, लोगों को ममता की अपेक्षा थी, लेकिन उन्हें निर्ममता मिली। ममता सरकार, परिवर्तन नहीं बल्कि लेफ्ट का पुर्नजीवन है। बंगाल में आज दीदी से अपने अधिकार की बात पूछ लेंगे तो दीदी नाराज हो जाती हैं। भारत माता की जय बोल दो तो भी वो नाराज हो जाती हैं,लेकिन देश के खिलाफ बोलने वालों पर दीदी को गुस्सा नहीं आता है।



