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- QR कोड बना साइबर क्राइम का बड़ा हथियार...कैसे बचे...?
Posted by : achhiduniya
05 February 2021
जैसे जैसे लोग
डिजिटल लेन-देन की ओर बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही साइबर क्राइम भी तेजी से बढ़ रहा
है। आए दिन साइबर फ्रॉड की घटनाएं सामने आती रहती है। कॉन्टैक्टलेस पेमेंट करते
वक्त हम QR
कोड को स्कैन करते हैं और पैसे ट्रांसफर करते है।
बस इसी का फायदा उठाकर फ्रॉड होते है। ऐसे लोग QR कोड को बदल देते है। जिससे आपका पेमेंट फ्रॉड करने वाले के
अकाउंट में चला जाता है। QR कोड को बदल कर दूसरा QR कोड डाल देने को ही QR कोड
फिशिंग कहते है। इससे आपके पैसे दुकानदार के पास न जाकर फ्रॉड करने वाले के
अकाउंट में चले जाते हैं। सबसे पहले जापान में QR कोड बनाया गया था। अब
नोटबंदी के बाद से भारत में भी तेजी से इसका चलन बढ़ा है। ऐसे में अगर आप QR कोड स्कैन करके पेमेंट करते हैं तो आपको बहुत अलर्ट रहने की
जरूरत है। आपकी ज़रा सी लापरवाही से आपके साथ बड़ा धोखा हो सकता है। इस तरह अपराधी लाखों करोड़ों का चूना लगा रहे
हैं। आप कुछ सावधानी बरतें तो आपका पैसा बच सकता है। # कैस बरतें सावधानी:- मैसेज और ई-मेल पर आए अनजान और नए QR कोड को स्कैन करने से बचें। अपने फोन के कैमरे से सीधे QR कोड स्कैन के बजाय ऐप का इस्तेमाल करें। ऐसी एप्स से कोड स्कैन
करें जो QR
कोड की डिटेल्स भी बताती हो। किसी भी गलत
ट्रांजैक्शन पर तुरंत एक्शन लें। फ्रॉड का शिकार होने पर इसकी शिकायत साइबर सेल
में करें।
अगर आपसे कोई यूपीआई पिन मांगे तो
बिल्कुल नहीं देना है।
इससे आपको लगेगा कि लॉटरी या किसी तरह के ऑफर वाले पैसे आपके अकाउंट में आएंगे, लेकिन आपके पैसे स्कैमर के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएंगे। किसी दुकान के बाहर लगे QR कोड या पेट्रोल पंप पर लगे QR कोड को स्कैन करते समय अलर्ट रहें। स्कैमर ओरिजनल QR कोड को अपने QR कोड से बदल सकते हैं। ध्यान रखें जब भी QR कोड स्कैन करके पेमेंट करें तो रिसीवर का नाम जरूर कन्फर्म कर लें। आप बाजार से फल सब्जी खरीदने से लेकर शॉपिंग मॉल्स और पेट्रोल
पंप पर भी QR कोड स्कैन करके ऑनलाइन पेमेंट करते हैं,लेकिन अब आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है। साइबर क्रिमिनल्स QR कोड के जरिए बड़े फ्रॉड कर रहे हैं।




