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- 100 करोड़ रुपए की वसूली मामले की सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इंकार...जाने क्यू...?
Posted by : achhiduniya
24 March 2021
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने तबादले के बाद मुख्यमंत्री को
चिट्ठी लिखकर बड़ा खुलासा किया था। परमबीर सिंह ने कहा था कि राज्य के गृह मंत्री अनिल
देशमुख ने सचिन वाजे को कई बार घर पर मिलने के लिए बुलाया। गृह मंत्री ने वाजे को
हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया था। गृह मंत्री ने वाजे को
बताया था कि मुंबई में लगभग 1,750 बार, रेस्तरां
और अन्य
प्रतिष्ठान हैं। प्रत्येक से हर महीने 2-3 लाख अगर लिए जाएं तो 40-50 करोड़ का जुगाड़ हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा था कि बाकी बची रकम अन्य स्रोतों से बनाया जा सकता है। परमबीर सिंह ने अपने इस पत्र में वसूली को लेकर एसपी पाटील नाम के एक पुलिस अधिकारी के साथ हुए उनके बातचीत का जिक्र भी किया है। परमबीर सिंह और एसपी पाटील के बीच 16 और 19 मार्च के बीच बातचीत हुई थी। हालांकि अनिल देशमुख ने इन दावों को गलत बताया था और परमबीर सिंह पर
मानहानि का दावा करने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह के वकील मुकुल रोहतगी से सवाल किया कि आप सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आए, हाई कोर्ट क्यों नहीं गए। इस पर रोहतगी ने कहा कि हम हाईकोर्ट चले जाएंगे आप कल सुनवाई का आदेश दीजिए। बता दें कि परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली के आरोप लगाने के बाद इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। याचिका में परमबीर सिंह ने ये भी कहा था कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री के घर के सीसीटीवी जल्द से जल्द जब्त किए जाए।


