- Back to Home »
- Suggestion / Opinion »
- तुम तो डकैतों से भी बदतर हो..कोविशील्ड वैक्सीन की विसंगति कीमत पर भड़के भाजपा विधायक डा.राधा मोहन दास अग्रवाल
तुम तो डकैतों से भी बदतर हो..कोविशील्ड वैक्सीन की विसंगति कीमत पर भड़के भाजपा विधायक डा.राधा मोहन दास अग्रवाल
Posted by : achhiduniya
22 April 2021
पेशे से
चिकित्सक गोरखपुर से भाजपा विधायक डा.राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि कंपनी ने भारत सरकार को यह वैक्सीन
दो सौ रुपए, राज्य सरकार को चार सौ और जनता को छह सौ रुपए
में देने की बात कही है। जबकि कंपनी ने ही वैक्सीन की लागत 220 रुपए बताई है। जब
कंपनी भारत सरकार को 200 रुपए में वैक्सीन दे सकती है तो जनता को छह सौ रुपए में
क्यों देगी? क्या इस
संकट काल में वैक्सीन से कमाई की सीमा नहीं तय होनी चाहिए? पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को टैग करते हुए उन्होंने लिखा कि ऐसी फैक्ट्री का एपिडेमिक ऐक्ट में अधिग्रहण कर लेना चाहिए। विधायक ने कहा कि संकट काल में आखिर इन्हें कितना प्राफिट मार्जिन चाहिए। विधायक ने एक ट्वीट के जरिए कहा कि वैक्सीन को जिन कीमतों पर भारत सरकार, राज्य सरकार और आम
नागरिकों को उपलब्ध कराने की बात कही गई है उसमें बड़ी विसंगति है। अपने ट्वीट में भाजपा विधायक ने यहां तक लिख दिया कि-'तुम तो डकैतों से भी बदतर हो। तुम्हारी फैक्ट्री का एपिडेमिक ऐक्ट में अधिग्रहण कर लेना चाहिए। गौरतलब है कि भारत में सीरम इंस्टीट्यूट, एस्ट्रा जेनेका की कोविशील्ड का उत्पादन कर रहा है। अदार पूनावाला इस कंपनी के सीईओ हैं। कंपनी ने राज्य सरकारों और देश के निजी अस्पतालों के लिए अपनी कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत की घोषणा की है। राज्य सरकारों को वैक्सीन की प्रति खुराक के लिए चार सौ रूपये और निजी अस्पतालों को छह सौ रूपये देने होंगे। जबकि केंद्र सरकार को कंपनी ने दो सौ रुपए की दर से वैक्सीन की आपूर्ति की है। कंपनी ने देश में टीकाकरण अभियान को तेज करने के लिए केन्द्र द्वारा हाल में दी गई छूट के मद्देनजर इन कीमतों की घोषणा की है। नए प्रावधानों के तहत वैक्सीन निर्माता और आपूर्तिकर्ता अपनी कोविड वैक्सीन का 50 प्रतिशत केन्द्र को और 50 प्रतिशत राज्य सरकारों और खुले बाजार में निजी अस्पतालों को बेचेंगे।


