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- नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी पर लटकी विजिलेंस के जांच की तलवार...
Posted by : achhiduniya
16 May 2021
पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू ने
एक ट्वीट में आरोप लगाया था, विधायकों के बीच यह आम सहमति
है कि कांग्रेस सरकार के बदले में बादल सरकार शासन कर रही है,अक्सर हमारे विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की बात सुनने की
बजाय नौकरशाही और पुलिस बादल परिवार की इच्छाओं के अनुसार काम करती है। सरकार जनता
के कल्याण के लिए नहीं, बल्कि माफिया राज जारी रखने के
लिए कार्य करती है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके ही पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रही आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच अब सिद्धू को पत्नी
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू सहित विजिलेंस की जांच भारी पड़ सकती है। वह लगातार पंजाब में नशे और बेअदबी के मामले
को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ जंग छेड़े हुए थे, लेकिन अब अचानक विजिलेंस ने उनके मंत्री रहने के दौरान हुई
अनियमिताओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि जब सिद्धू स्थानीय निकाय मंत्री थे, तो उस दौरान कथित तौर पर
जीरकपुर, डेराबस्सी और चंडीगढ़ के पास स्थित नया गांव जमीन मामले में कुछ
अनियमितताएं हुई थीं। इसके अलावा अमृतसर
में नगर सुधार ट्रस्ट की ओर से बिक्री के लिए बनाए गए बूथ को कम किराये पर अपने
चहेतों को देने के भी आरोप हैं। सूत्रों का कहना है कि मामले में विजिलेंस ने कुछ
सबूत भी जुटाए हैं। एक हिंदी दैनिक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक नियमों को दरकिनार
कर प्लॉट की अदला-बदली के मामलों को लेकर भी विजिलेंस ने जांच की है। सिद्धू के
ओएसडी रहे रुपिंद्र सिंह उर्फ बन्नी संधू की ओर से कमर्शियल प्रोजेक्ट के सीएलयू दिलाने
का मामला भी सामने आया है। वहीं उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के निजी सहायक गौरव
वासु भी विजिलेंस की रडार पर हैं। प्रोजेक्टों को नियमों के खिलाफ जाकर मंजूरी
दिलाने, अमृतसर में कम कीमत पर दो बूथ हासिल करने, बूथ किराये पर लेकर आगे किसी और को देने, सस्ते भाव पर कमर्शियल विज्ञापन के टेंडर हासिल करने के सुराग
विजिलेंस के हाथ लगे हैं।


