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- स्वास्तिक चिन्ह दूर करें घोर वास्तु दोष जाने कैसे...?
Posted by : achhiduniya
19 May 2021
हिंदू धर्म में स्वास्तिक का चिन्ह बहुत ही शुभ और कल्याणकारी माना गया
है। स्वास्तिक चिन्ह को भगवान गणेश का
प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि स्वास्तिक के चिन्ह का प्रयोग हर मंगल और शुभ
कार्य में जरूर किया जाता है। इस शुभ
चिन्ह की उत्पत्ति आर्यों ने की थी। धार्मिक कार्यों के अलावा वास्तु शास्त्र में
भी स्वास्तिक के चिन्ह का खास महत्व माना गया है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, अगर घर के कुछ अलग-अलग हिस्सों में स्वास्तिक बनाया जाए तो
इसके चमत्कारिक और कल्याणकारी फायदे देखने को मिलते हैं।
स्वास्तिक का चिन्ह बनाने से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और घर में सकारातमक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में स्वास्तिक का चिन्ह बनाना बेहद शुभ माना गया है। देवस्थान पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर उस पर भगवान की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान की कृपा दृष्टि हमेशा आप पर बनी रहती है। घर की अलमारी या तिजोरी में स्वास्तिक का चिन्ह बनाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और कभी धनी की कमी नहीं रहती है। दिवाली और अन्य शुभ अवसरों पर तिजोरी या अलमारी के अंदर स्वास्तिक चिन्ह जरूर बनाना चाहिए। घर के मुख्य दरवाजे का पूजन करके देहरी के दोनों ओर स्वास्तिक बनाना शुभ होता है। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी वास करती हैं। रोजाना सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करने के बाद स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और फिर धूप दिखाकर भगवान की पूजा-अर्चना करें। उसके बाद दहलीज के दोनों ओर स्वास्तिक का शुभ चिन्ह बनाएं।
साथ ही वास्तुदोष से मुक्ति भी मिलती है। अगर आप वास्तुदोष की समस्या से परेशान हैं तो घर के मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ स्वास्तिक का चिन्ह जरूर बनाएं। ऐसा करने से घर में मौजूद वास्तुदोष से मुक्ति मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे घर में सुख-समृद्धि का वास भी होता है। वास्तु दोष दूर करने के लिए 9 अंगुल लंबा और चौड़ा स्वास्तिक चिन्ह मुख्य दरवाजे पर सिंदूर से बनाना चाहिए। आंगन के बीचो-बीच स्वास्तिक चिन्ह बनाना काफी शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पितृपक्ष में घर के आंगन में गोबर से स्वास्तिक चिन्ह बनाने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
स्वास्तिक का चिन्ह बनाने से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और घर में सकारातमक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में स्वास्तिक का चिन्ह बनाना बेहद शुभ माना गया है। देवस्थान पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर उस पर भगवान की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान की कृपा दृष्टि हमेशा आप पर बनी रहती है। घर की अलमारी या तिजोरी में स्वास्तिक का चिन्ह बनाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और कभी धनी की कमी नहीं रहती है। दिवाली और अन्य शुभ अवसरों पर तिजोरी या अलमारी के अंदर स्वास्तिक चिन्ह जरूर बनाना चाहिए। घर के मुख्य दरवाजे का पूजन करके देहरी के दोनों ओर स्वास्तिक बनाना शुभ होता है। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी वास करती हैं। रोजाना सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करने के बाद स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और फिर धूप दिखाकर भगवान की पूजा-अर्चना करें। उसके बाद दहलीज के दोनों ओर स्वास्तिक का शुभ चिन्ह बनाएं।



