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- एलपीजी श्मशान घाट निर्माण कार्य की समीक्षा...
Posted by : achhiduniya
18 June 2021
चंद्रपुर:- पारंपरिक लकड़ी का दाह संस्कार
वातावरण के प्रदूषण को बढ़ाता है। दाह संस्कार के लिए लकड़ी के बड़े भंडार की
आवश्यकता होती है। इसके लिए वनों की कटाई हो रही है। इसके अलावा लकड़ी से दाह
संस्कार करने से वातावरण प्रदूषित होता है। एलपीजी गैस के दहन से वातावरण में
प्रदूषण कम होता है। एलपीजी गैस पर दाह संस्कार करने से कार्बन की मात्रा कम होगी
और पौधों को कटने से बचाया जा सकेगा। इसके लिए बाबूपेठ वार्ड स्थित इस कब्रिस्तान
में दाह संस्कार का काम चल रहा है। अब यहाँ गैस शेड है, चिमनी के साथ, मेयर राखी संजय कंचरलावर ने
कहा कि श्मशान की सुविधा उपलब्ध होगी। कंक्रीट पथों को समतल कर निर्माण व
सौंदर्यीकरण भी होगा। महापौर ने कब्रिस्तान के पास के क्षेत्र को नाप कर अतिक्रमण
रोकने के भी निर्देश दिए। बाईपास रोड स्थित
वार्ड के बाबूपेठ कब्रिस्तान में
एलपीजी श्मशान घाट बनाया जा रहा है। इस कार्य का निरीक्षण महापौर राखी संजय
कंचारलावर ने एनएमसी पदाधिकारियों के साथ किया। महापौर ने कहा कि अगले महीने के
भीतर श्मशान को सार्वजनिक सेवा में पेश किया जाएगा। इस अवसर पर उप महापौर राहुल
पावड़े, स्थायी समिति के अध्यक्ष रवि असवानी, पार्षद छबुताई वैरागड़े, पार्षद नीलम
अक्केवार, पार्षद कल्पना बागुलकर, पार्षद
प्रदीप किरमे और पार्षद स्वामी कंकम उपस्थित थे।


