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- जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों से चुनाव पर चर्चा केंद्र ने की पहल...
Posted by : achhiduniya
13 June 2021
बीते साल जून 2018 में बीजेपी द्वारा महबूबा मुफ्ती के साथ
गठबंधन तोड़ने के बाद से जम्मू और कश्मीर को राष्ट्रपति शासन के अधीन रखा गया था।
तब से कोई राजनीतिक प्रक्रिया नहीं हुई है। अगस्त 2019 में, केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर की विशेष संवैधानिक स्थिति को
समाप्त कर दिया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। ऐसी उम्मीद
थी कि 2019 में आम चुनावों के साथ राज्य के भी चुनाव होंगे, लेकिन चुनाव आयोग ने एक प्रशासनिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसे
नकार दिया था,
जिसमें कहा गया था कि चुनाव कराने में सुरक्षा
जोखिम है। नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक और गुपकर एलायंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला
ने कहा कि वे बातचीत के खिलाफ नहीं हैं।
पिछले साल अगस्त में गठित गठबंधन आंतरिक मतभेदों को लेकर छह महीने से अधिक
समय से निष्क्रिय है,लेकिन पिछले बुधवार को फारूक
अब्दुल्ला ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती से उनके घर पर
मुलाकात की और उनसे और गुप्कर गठबंधन के अन्य सदस्यों के साथ चर्चा की। जम्मू-कश्मीर में चुनाव से जुड़ी राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने और राज्य का
दर्जा बहाल करने के लिए केंद्र सरकार राज्य के राजनीतिक दलों के साथ बातचीत शुरू
कर सकती है। हालांकि अभी तक इस बावत कोई औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला है। उधर, जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बहाल करने में मदद करने के लिए
गठित सात-पक्षीय गठबंधन गुपकर एलायंस या PAGD ने
बातचीत में शामिल होने के संकेत दिए हैं। नेशनल कांफ्रेंस ने कहा है कि वह परिसीमन
प्रक्रिया में शामिल हो सकती है। सूत्रो के अनुसार सरकार राजनीतिक दलों के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू कर सकती
है और राज्य में चुनावों पर चर्चा कर सकती है।


