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धार्मिक स्थल खोलने की मांग करने वाले कोविड पर केंद्र की चिट्ठी पढ़ें..सीएम उद्धव ठाकरे ने दिया बीजेपी के प्रदर्शन का जवाब...
Posted by : achhiduniya
31 August 2021
महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी के नेतृत्व वाली सरकार के
मंदिरों को खोलने की अनुमति नहीं देने के विरोध में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी
(भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राज्य के कई शहरों में प्रदर्शन किया। कोविड-19
प्रतिबंध के कारण मंदिर बंद हैं। कई जगहों पर धरने प्रदर्शन के दौरान सामाजिक दूरी
के नियमों का पालन नहीं किया गया। भाजपा और मनसे के महाराष्ट्र में दही
हांडी, गणेशोत्सव के आयोजन और मंदिरों को खोलने की मांग को लेकर किए जा
रहे प्रदर्शन पर राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने निशाना साधा है। ठाकरे ने
कहा,केंद्र सरकार ने एक पत्र में राज्यों से कहा है कि कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है और इससे बचने के लिए दही हांडी और
गणेशोत्सव जैसे कार्यक्रमों के चलते होने वाली भीड़ से बचें। हमें इस पत्र को उन
लोगों को दिखाना चाहिए जो कि इसके लिए प्रदर्शन करना चाहते हैं। भाजपा के
आध्यात्मिक आघाड़ी द्वारा पुणे, मुंबई, नासिक, नागपुर, पंढरपुर, औरंगाबाद और अन्य स्थानों पर
प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने घंटी
और शंख बजाया।
पुणे और औरंगाबाद में, भाजपा
कार्यकर्ताओं ने बंद मंदिरों में जबरन घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें
रोक दिया। वहींकोविड -19 नियमों का कथित उल्लंघन कर
मध्य मुंबई के वर्ली इलाके में दही हांडी आयोजित
करने के आरोप में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के चार कार्यकर्ताओं और अन्य
आठ लोगों के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज किया गया। मनसे के ठाणे-पालघर इकाई के
प्रमुख अविनाश जाधव को दही हांडी समारोह करने की अनुमति देने की मांग
को लेकर
प्रदर्शन करने पर कल दिन में गिरफ्तार किया गया था और बाद में रिहा कर दिया गया
था. वह भी देर रात आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे। जाधव ने संवाददाताओं से कहा कि
शिवसेना हिंदू वोट हासिल करके सत्ता में आई है, लेकिन
उसने कार्यक्रमों पर रोक लगाकर समुदाय को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि पाबंदियों
के बावजूद वे त्योहार मनाएंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले
हफ्ते दही हांडी कार्यक्रम के आयोजकों से कहा था कि राज्य को कोरोना वायरस के
संक्रमण से पूरी तरह छुटकारा मिलने तक, कुछ समय
के लिए उत्सवों का आयोजन न कर एक मिसाल कायम करनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि
महामारी के दौरान नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।



