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दिल्ली सरकार कोर्ट में एफिडेविट{शपथ पत्र} देकर ले बच्चों की जिम्मेदारी अभिभावकों ने की सीएम केजरीवाल से मांग...
Posted by : achhiduniya
27 August 2021
दिल्ली अभिभावक संघ ने
सरकार के ऐलान के बाद दिल्ली सरकार को पत्र लिखा है और स्कूलों को खोलने के बाद
बच्चों की जिम्मेदारी लेने की मांग की है। डीपीए (DPA) की अध्यक्ष अपराजिता गौतम का कहना है कि दिल्ली सरकार, नीति आयोग की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर रही है तो सरकार
बच्चों की पूरी जिम्मेदारी शपथ पत्र जारी करके उठाए। अपराजिता ने कहा कि पेरेंट्स
का बहुमत स्कूलों
के खुलने के खिलाफ है तो किन पेरेंट्स को ध्यान में रखते हुए
सरकार इतना खतरनाक निर्णय ले रही है। सरकार का दावा था कि अधिकांश सरकारी स्कूलों
के पेरेंट्स स्कूल खुलने के पक्षधर हैं,अगर ऐसा
है तो स्कूलों के खुलने पर मात्र 10 फीसदी
बच्चे ही स्कूल क्यों जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि दूसरे
राज्यों में क्या हो रहा है। हमें इससे मतलब नहीं,लेकिन
दिल्ली की जनता ने दूसरी लहर में मौत का आतंक देखा है,जिसके चलते वे भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। अपराजिता ने कहा कि
उन्हें लगता है कि सरकार प्राइवेट स्कूलों के दबाव में आकर स्कूलों को खोलने का
फैसला ले रही है, जिससे वो पेरेंट्स से सभी मदों की फीस उगाही कर
सकें। कोरोना की दूसरी लहर के चलते
अभी कई राज्यों में स्कूलों को खोले जाने के नकारात्मक परिणाम हमारे सामने हैं।
वहीं दिल्ली अभिभावक संघ द्वारा करवाए गए पोल के अनुसार दिल्ली के 79% अभिभावक स्कूलों के खुलने के विरोध में हैं क्योंकि बेशक वो
जानते हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई सामान्य
स्कूल की तरह नहीं है लेकिन बच्चे सुरक्षित हैं। संघ का कहना है कि इतनी विपरीत
परिस्थितियों में भी अगर सरकार ने स्कूलों को खोलने
का मन बना ही लिया है तो सरकार
और स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी कोर्ट में एफिडेविट देकर लेनी
चाहिए। स्कूल के सभी टीचर्स व कर्मचारियों के पूर्ण टीका प्रमाणपत्र स्कूल की
वेबसाइट पर अपलोड हों स्कूलों में कोविड सुरक्षा कमिटी पेरेंट्स को साथ लेकर गठित करनी चाहिए, जो नियमित रूप से स्कूल का निरीक्षण कर कोविड प्रोटोकॉल/ कोविड
एप्रोप्रियेट बेहेवियर (CAB) सुनिश्चित कर सके। इसके अलावा
ऑफलाइन के साथ साथ ऑनलाइन क्लासेज की
सुविधा बरकरार रहे, जिससे बच्चों और अभिभावकों के बीच विश्वास
उत्पन्न हो और वो भी भविष्य में अपने बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय ले सकें। सरकार
एक आपातकालीन नंबर ज़ारी करे और शिकायत पर तुरंत कार्यवाही हो। अगर एक भी केस
कोरोना का आया तो स्कूल तुरंत 14 दिनों के लिए बंद किया जाए। गौरतलब है की दिल्ली
में अरविंद केजरीवाल सरकार ने 9वीं से 12वीं तक के
स्कूलों को खोलने का फैसला किया है। दिल्ली में एक सितंबर से सभी स्कूल खोले
जाएंगे। हालांकि दिल्ली सरकार ने बच्चों
को स्कूल में भेजने की जिम्मेदारी अभिभावकों के ऊपर डाल दी है। जिसके बाद अभिभावक खफा हो गए हैं।




